दीपावली पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का करें जाप, सुख-समृद्धि और खुशहाली की करें कामना, यहां पढ़ें पूरी नामावली

Diwali 2026: दीपावली का पावन पर्व मां लक्ष्मी की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस शुभ अवसर पर देवी लक्ष्मी के 108 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करने की धार्मिक मान्यता है। कहा जाता है कि माता के नामों का स्मरण करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की कामना पूरी होती है। यहां पढ़ें मां लक्ष्मी के सभी 108 नाम, उनके मंत्र और धार्मिक महत्व।

 
दीपावली पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का करें जाप, सुख-समृद्धि और खुशहाली की करें कामना, यहां पढ़ें पूरी नामावली
दीपावली 2026। हिंदू धर्म में दीपावली को सुख-समृद्धि और खुशहाली का महापर्व माना जाता है। इस दिन घरों में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की रात्रि में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से घर में सकारात्मकता और मंगल का वातावरण बनता है।

दीपावली की पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के मंत्रों के साथ उनके 108 नामों का जाप करना भी विशेष फलदायी माना गया है। भक्त इन नामों का स्मरण करके माता से धन-धान्य, सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं। अगर आप भी इस दीपावली मां लक्ष्मी की विशेष आराधना करना चाहते हैं, तो यहां जानिए देवी के 108 पवित्र नाम और उनके जाप मंत्रों की पूरी सूची।

मां लक्ष्मी के 108 नाम और उनके जाप मंत्र (Maa Lakshmi 108 Names)

क्रम मां लक्ष्मी का नाम जाप मंत्र
1 प्रकृति ॐ प्रकृत्यै नमः।
2 विकृति ॐ विकृत्यै नमः।
3 विद्या ॐ विद्यायै नमः।
4 सर्वभूतहितप्रदा ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः।
5 श्रद्धा ॐ श्रद्धायै नमः।
6 विभूति ॐ विभूत्यै नमः।
7 सुरभि ॐ सुरभ्यै नमः।
8 परमात्मिका ॐ परमात्मिकायै नमः।
9 वाक् ॐ वाचे नमः।
10 पद्मालया ॐ पद्मालयायै नमः।
11 पद्मा ॐ पद्मायै नमः।
12 शुचि ॐ शुचये नमः।
13 स्वाहा ॐ स्वाहायै नमः।
14 स्वधा ॐ स्वधायै नमः।
15 सुधा ॐ सुधायै नमः।
16 धन्या ॐ धन्यायै नमः।
17 हिरण्मयी ॐ हिरण्मय्यै नमः।
18 लक्ष्मी ॐ लक्ष्म्यै नमः।
19 नित्यपुष्टा ॐ नित्यपुष्टायै नमः।
20 विभावरी ॐ विभावर्यै नमः।
21 अदिति ॐ अदित्यै नमः।
22 दिति ॐ दित्यै नमः।
23 दीपा ॐ दीपायै नमः।
24 वसुधा ॐ वसुधायै नमः।
25 वसुधारिणी ॐ वसुधारिण्यै नमः।
26 कमला ॐ कमलायै नमः।
27 कान्ता ॐ कान्तायै नमः।
28 कामाक्षी ॐ कामाक्ष्यै नमः।
29 क्षीरोधसम्भवा ॐ क्षीरोधसम्भवायै नमः।
30 अनुग्रहप्रदा ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः।
31 बुद्धि ॐ बुद्धये नमः।
32 अनघा ॐ अनघायै नमः।
33 हरिवल्लभा ॐ हरिवल्लभायै नमः।
34 अशोका ॐ अशोकायै नमः।
35 अमृता ॐ अमृतायै नमः।
36 दीप्ता ॐ दीप्तायै नमः।
37 लोकशोकविनाशिनी ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः।
38 धर्मनिलया ॐ धर्मनिलयायै नमः।
39 करुणा ॐ करुणायै नमः।
40 लोकमाता ॐ लोकमात्रे नमः।
41 पद्मप्रिया ॐ पद्मप्रियायै नमः।
42 पद्महस्ता ॐ पद्महस्तायै नमः।
43 पद्माक्षी ॐ पद्माक्ष्यै नमः।
44 पद्मसुन्दरी ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः।
45 पद्मोद्भवा ॐ पद्मोद्भवायै नमः।
46 पद्ममुखी ॐ पद्ममुख्यै नमः।
47 पद्मनाभप्रिया ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः।
48 रमा ॐ रमायै नमः।
49 पद्ममालाधरा ॐ पद्ममालाधरायै नमः।
50 देवी ॐ देव्यै नमः।
51 पद्मिनी ॐ पद्मिन्यै नमः।
52 पद्मगन्धिनी ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः।
53 पुण्यगन्धा ॐ पुण्यगन्धायै नमः।
54 सुप्रसन्ना ॐ सुप्रसन्नायै नमः।
55 प्रसादाभिमुखी ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः।
56 प्रभा ॐ प्रभायै नमः।
57 चन्द्रवदना ॐ चन्द्रवदनायै नमः।
58 चन्द्रा ॐ चन्द्रायै नमः।
59 चन्द्रसहोदरी ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः।
60 चतुर्भुजा ॐ चतुर्भुजायै नमः।
61 चन्द्ररूपा ॐ चन्द्ररूपायै नमः।
62 इन्दिरा ॐ इन्दिरायै नमः।
63 इन्दुशीतला ॐ इन्दुशीतलायै नमः।
64 आह्लादजननी ॐ आह्लादजनन्यै नमः।
65 पुष्टि ॐ पुष्ट्यै नमः।
66 शिवा ॐ शिवायै नमः।
67 शिवकरी ॐ शिवकर्यै नमः।
68 सत्या ॐ सत्यायै नमः।
69 विमला ॐ विमलायै नमः।
70 विश्वजननी ॐ विश्वजनन्यै नमः।
71 तुष्टि ॐ तुष्ट्यै नमः।
72 दारिद्र्यनाशिनी ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः।
73 प्रीतिपुष्करिणी ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः।
74 शान्ता ॐ शान्तायै नमः।
75 शुक्लमाल्याम्बरा ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः।
76 श्री ॐ श्रियै नमः।
77 भास्करी ॐ भास्कर्यै नमः।
78 बिल्वनिलया ॐ बिल्वनिलयायै नमः।
79 वरारोहा ॐ वरारोहायै नमः।
80 यशस्विनी ॐ यशस्विन्यै नमः।
81 वसुन्धरा ॐ वसुन्धरायै नमः।
82 उदाराङ्गा ॐ उदाराङ्गायै नमः।
83 हरिणी ॐ हरिण्यै नमः।
84 हेममालिनी ॐ हेममालिन्यै नमः।
85 धनधान्यकरी ॐ धनधान्यकर्यै नमः।
86 सिद्धि ॐ सिद्धये नमः।
87 स्त्रैणसौम्या ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः।
88 शुभप्रदा ॐ शुभप्रदायै नमः।
89 नृपवेश्मगतानन्दा ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः।
90 वरलक्ष्मी ॐ वरलक्ष्म्यै नमः।
91 वसुप्रदा ॐ वसुप्रदायै नमः।
92 शुभा ॐ शुभायै नमः।
93 हिरण्यप्राकारा ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः।
94 समुद्रतनया ॐ समुद्रतनयायै नमः।
95 जया ॐ जयायै नमः।
96 मङ्गलादेवी ॐ मङ्गलादेव्यै नमः।
97 विष्णुवक्षस्स्थलस्थिता ॐ विष्णुवक्षस्स्थलस्थितायै नमः।
98 विष्णुपत्नी ॐ विष्णुपत्न्यै नमः।
99 प्रसन्नाक्षी ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः।
100 नारायणसमाश्रिता ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः।
101 दारिद्र्यध्वंसिनी ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः।
102 देवी ॐ देव्यै नमः।
103 सर्वोपद्रववारिणी ॐ सर्वोपद्रववारिण्यै नमः।
104 नवदुर्गा ॐ नवदुर्गायै नमः।
105 महाकाली ॐ महाकाल्यै नमः।
106 ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः।
107 त्रिकालज्ञानसम्पन्ना ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः।
108 भुवनेश्वरी ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।

दीपावली पर कैसे करें मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप?

धार्मिक परंपरा के अनुसार, दीपावली की पूजा के समय स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  1. सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करके मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

  2. दीपक जलाकर देवी-देवताओं का विधिपूर्वक पूजन करें।

  3. मां लक्ष्मी को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

  4. इसके बाद शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करें।

  5. जाप पूरा होने के बाद मां लक्ष्मी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

मां लक्ष्मी के 108 नामों के जाप का धार्मिक महत्व

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। उनके 108 नामों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों, शक्तियों और गुणों का वर्णन मिलता है।

भक्तों का विश्वास है कि नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक इन नामों का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। दीपावली के दिन मां लक्ष्मी की आराधना करते समय इन नामों का जाप करना विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

शुभ दीपावली! मां लक्ष्मी की कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।

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