Diwali 2026 Saraswati Aarti : दिवाली पर मां सरस्वती की आरती से करें ज्ञान और बुद्धि की कामना, यहां पढ़ें संपूर्ण आरती और मंत्र

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Diwali 2026 Saraswati Aarti

Diwali 2026 Saraswati Aarti: दीपावली का पर्व मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। हालांकि, इस अवसर पर ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना का भी धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा और आरती करने से जीवन में ज्ञान का प्रकाश बना रहता है और व्यक्ति को सद्बुद्धि प्राप्त होती है।

इस वर्ष 8 नवंबर 2026 को दीपावली मनाई जा रही है। दीपोत्सव की शाम लक्ष्मी-गणेश पूजन के साथ मां सरस्वती की आराधना भी की जा सकती है। पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक आरती और मंत्रों का जाप कर भक्त मां शारदा से विद्या, विवेक और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।

मां सरस्वती की संपूर्ण आरती

पूजा के समय मां सरस्वती की आरती गाने से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। यहां पढ़ें आरती के संपूर्ण लिरिक्स:

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

चंद्रवदनी पद्मासिनी, धृति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥
जय जय सरस्वती माता॥

बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गले मोतियन माला॥
जय जय सरस्वती माता॥

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥
जय जय सरस्वती माता॥

विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।
भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥
जय जय सरस्वती माता॥

धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।
ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥
जय जय सरस्वती माता॥

मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥
जय जय सरस्वती माता॥

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
जय जय सरस्वती माता॥

मां सरस्वती के प्रमुख मंत्र

दीपावली पूजन के दौरान मां सरस्वती के इन मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है:

  1. ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।

  2. या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

  3. ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि।
    तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

  4. ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।

  5. वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।

मां सरस्वती का ध्यान मंत्र

मां शारदा का ध्यान करने के लिए प्रचलित सरस्वती ध्यान मंत्र का पाठ किया जाता है। मान्यता है कि इसके जाप से मन एकाग्र होता है और ज्ञान की देवी का स्मरण किया जाता है।

या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता।
या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना॥

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।

हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥

दीपावली पर मां सरस्वती की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती को ज्ञान, वाणी, कला, संगीत और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। दीपावली के शुभ अवसर पर उनकी आराधना करके भक्त अपने जीवन से अज्ञान और नकारात्मकता दूर करने तथा विवेक और सद्बुद्धि प्राप्त करने की कामना करते हैं। पूजन के दौरान मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित करें, पुष्प अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें। इसके बाद आरती करके परिवार की सुख-शांति, बच्चों की शिक्षा और जीवन में ज्ञान के प्रकाश की कामना करें।

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