गुरुवार को भूलकर भी न बनाएं खिचड़ी, लग सकता है गुरु दोष; जानें क्या है दरिद्रता का कारण

Avoid making Khichdi on Thursdays at all costs; it could lead to 'Guru Dosh' (an adverse astrological influence related to Jupiter)—find out what causes poverty.
 
गुरुवार को भूलकर भी न बनाएं खिचड़ी, लग सकता है गुरु दोष; जानें क्या है दरिद्रता का कारण

सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी विशेष देवी-देवता और ग्रह को समर्पित है। इसी क्रम में गुरुवार (बृहस्पतिवार) का दिन देवगुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना के लिए परम पवित्र माना गया है। शास्त्रों में इस दिन के रहन-सहन, पूजा-पाठ और विशेषकर खान-पान को लेकर कुछ कड़े नियम बताए गए हैं। इन्हीं नियमों में से एक है—गुरुवार के दिन खिचड़ी बनाने और खाने पर पूर्ण प्रतिबंध।

अक्सर लोग इस नियम को साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार को खिचड़ी का सेवन करना घर में कलह और घोर दरिद्रता का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और ज्योतिषीय कारण।

क्यों वर्जित है गुरुवार को खिचड़ी का सेवन?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को खिचड़ी (विशेषकर काली या पीली दाल वाली) बनाना और खाना बेहद अशुभ माना जाता है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

  • गुरु ग्रह का कमजोर होना: खिचड़ी में मुख्य रूप से चावल के साथ दाल और हल्दी का उपयोग किया जाता है। पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतीक है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खिचड़ी के रूप में इन चीजों को पकाने और खाने से जन्म कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर होता है।

  • आर्थिक स्थिति पर असर: कुंडली में गुरु ग्रह के कमजोर होने का सीधा असर व्यक्ति के ज्ञान, विवेक, करियर और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इससे संचित धन का नाश होता है, व्यापार और नौकरी में बाधाएं आती हैं और घर में दरिद्रता का वास होने लगता है।

काली दाल की खिचड़ी बढ़ाती है परेशानियां

गुरुवार के दिन काली उड़द की दाल से बनी खिचड़ी तो भूलकर भी नहीं बनानी चाहिए। काली दाल का संबंध न्याय के देवता शनि देव और राहु-केतु से माना जाता है। गुरुवार के दिन इसका सेवन करने से ग्रहों का आपसी तालमेल बिगड़ता है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच बेवजह का तनाव, मानसिक अशांति और गृह-क्लेश (कलह) की स्थिति उत्पन्न होती है।

गुरुवार का दिन होता है अत्यंत फलदायी: करें ये उपाय

बृहस्पतिवार का दिन सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ और उन्नति प्रदायक माना गया है। जीवन में सुख-समृद्धि और करियर में अपार सफलता पाने के लिए इस दिन खिचड़ी से परहेज करते हुए निम्नलिखित कार्य करने चाहिए:

  1. गुरु और भगवान विष्णु की आराधना: इस दिन अपने गुरुओं का स्मरण करें और भगवान सत्यनारायण या श्री विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।

  2. पीली वस्तुओं का दान: कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन चने की दाल, केला, पीले वस्त्र या धार्मिक पुस्तकों का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

  3. बृहस्पतिवार का व्रत: ज्ञान, उच्च शिक्षा और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए बहुत से श्रद्धालु इस दिन नियमित रूप से व्रत रखते हैं और केले के वृक्ष का पूजन करते हैं।

शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर सही खान-पान ही हमारे भाग्य और स्वास्थ्य को तय करता है। इसलिए, यदि आप भी जीवन में आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह से बचना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन सादा भोजन या पीले रंग के शुद्ध अन्न (जैसे- पूड़ी, हलवा, चने की दाल आदि) का सेवन करें, लेकिन खिचड़ी बनाने से पूरी तरह परहेज करें।

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