एक ऐसा मंत्र जिसके जाप से दूर होते हैं सभी ग्रह-दोष ,मिलती है शांति और समृद्धि 

एक ऐसा मंत्र जिसके जाप से दूर होते हैं सभी ग्रह-दोष ,मिलती है शांति और समृद्धि
gayatri mantra in hindi: गायत्री मंत्र को सभी मंत्रों की जननी कहा गया है।
 

Gayatri mantra in hindi: गायत्री मंत्र से बच्चा-बच्चा परिचित है। सनातन धर्म में आस्था रखने वाले अमूमन सभी लोग अपने बच्चों को इस मंत्र का जप करने के लिए कहते-करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस छोटे मंत्र के जाप से  ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों की उपासना हो जाती है। दरअसल 24 अक्षर के इस मंत्र में गायत्री, सावित्री और सरस्वती का भी जिक्र है। पढ़िए गायत्री मंत्र के जुड़ी अहम जानकारियां....

गायत्री मंत्र का महत्व (Gayatri Mantra Importance)

गायत्री मंत्र को सभी मंत्रों की जननी कहा गया है। यह मंत्र यजुर्वेद से लिया गया है। इस मंत्र को सबसे पहले ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र के सामने प्रकट किया गया। मूल रूप से सूर्य को समर्पित इस मंत्र को सूर्य जब उदित होवे तब और संध्या काल (सूर्य अस्त होते वक्त) में जप करना अत्यधिक लाभकारी होता है। इसके अलावा यह मंत्र सुबह, दोपहर और शाम को क्रमशः ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित है। ऐसे में तीनों प्रहर में इस मंत्र का जाप किया जा सकता है। 

गायत्री मंत्र का 108 बार जाप (chanting gayatri mantra 108)

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

गायत्री मंत्र जाप के लिए पीले रंग का वस्त्र धारण करना सबसे अच्छा माना गया है। वैसे तो इस महामंत्र के जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग सर्वोत्तम माना गया है। परंतु, वैवाहिक जीवन की दिक्कतों को दूर करने के लिए हल्दी की माला का इस्तेमाल करना चाहिए। मंत्र जाप करने से पहले अपने गुरु का स्मरण करना अच्छा माना गया है। अगर कोई गुरु नहीं है तो भगवान शिव को गुरु मानकर स्मरण कर लें। फिर गायत्री मंत्र का जाप शुरू करें। मंत्र जाप जितना अधिक कर सकते हैं वह आपके लिए अच्छा रहेगा। वैसे गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना गया है। संकल्पित होकर गायत्री मंत्र जाप करने के दौरान मांस-मदिरा का सेवन पूर्णतः निषेध बताया गया है।

घर के ग्रह-दोष के लिए भी अचूक (gayatri mantra for graha dosha)

भौतिक जीवन की सभी कामनाओं और घर के सभी दोषों को दूर करने के लिए गायत्री मंत्र की उपासना श्रेष्ठ माना गया है। गायत्री मंत्र के नियमित जाप से प्राण शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा गायत्री मंत्र का जाप करने वाला सभी प्रकार के भय से मुक्त होता है। 

यजुर्वेद में गायत्री मंत्र के 24 प्रकार बताए गए हैं। जिसे अलग-अलग कामना की सिद्धि के लिए उपयोग किया जाता है।

सभी प्रकार के ग्रह दोष और शांति के लिए

"ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।"

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