Guru Purnima 2026: आज मनाया जा रहा है गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व, गुरु कृपा पाने के लिए आज जरूर करें ये 5 खास काम

Guru Purnima 2026: The auspicious festival of Guru Purnima is being celebrated today; make sure to perform these 5 special acts today to receive the Guru's grace.
 
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Guru Purnima Niyam & Puja Vidhi: आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि है, जिसे पूरे देश में गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के रूप में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शास्त्रों में गुरु को ईश्वर से भी उच्च स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।

महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर भगवान विष्णु और अपने गुरुदेव का पूजन, दान-पुण्य तथा गुरु मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है।

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान का स्रोत और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं। यही कारण है कि शास्त्रों में गुरु का स्थान अत्यंत उच्च बताया गया है। इस दिन अपने गुरु, माता-पिता, शिक्षकों और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करना शुभ माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा पर करें ये 5 शुभ कार्य

1. गुरु का सम्मान करें और आशीर्वाद लें

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, शिक्षक या मार्गदर्शक को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करें। यदि वे आपके पास हों तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। यदि दूर रहते हों तो फोन या संदेश के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करें। माना जाता है कि गुरु का आशीर्वाद जीवन की अनेक कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होता है।

2. भगवान विष्णु और महर्षि वेदव्यास की पूजा करें

इस दिन भगवान विष्णु और महर्षि वेदव्यास की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा में पीले पुष्प, तुलसी दल, फल और प्रसाद अर्पित करें। साथ ही श्रद्धा के साथ "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। यह साधना मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

3. धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और गुरु मंत्र का जाप करें

गुरु पूर्णिमा पर भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत, रामचरितमानस या अन्य धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना लाभकारी माना जाता है। यदि गुरु से कोई मंत्र प्राप्त हुआ है तो उसका श्रद्धापूर्वक जाप करें। ज्ञान का अभ्यास ही गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि माना गया है।

4. दान-पुण्य और सेवा का संकल्प लें

इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, पुस्तकें, फल, छाता या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। पीले रंग की वस्तुओं का दान भी विशेष फलदायी बताया गया है। इसके अलावा गौसेवा, पक्षियों को दाना-पानी देना तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता करना भी पुण्यदायी माना जाता है।

5. गुरु की सीख को जीवन में उतारें

गुरु पूर्णिमा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। इस दिन गुरु द्वारा बताए गए आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लें। सत्य, अनुशासन, विनम्रता, सेवा और सदाचार जैसे गुणों को व्यवहार में लाना ही इस पर्व का वास्तविक संदेश है।

गुरु पूर्णिमा पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • गुरु, माता-पिता, शिक्षक और बुजुर्गों का सम्मान करें।
  • क्रोध, कटु वचन और विवाद से दूर रहें।
  • अहंकार का त्याग कर विनम्रता अपनाएं।
  • सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें।
  • यदि संभव हो तो किसी मंदिर, आश्रम या गुरुस्थान पर जाकर दर्शन और पूजा करें।

गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के महत्व और जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने का संदेश देने वाला विशेष अवसर है। इस दिन श्रद्धा, सेवा और सदाचार के साथ किए गए कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

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