Holashtak 2026: होलाष्टक में नकारात्मक शक्तियों को रखना है दूर? अपनाएं ये 4 अचूक उपाय
होलाष्टक के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में आत्मबल बनाए रखने और घर की सुख-शांति को सुरक्षित रखने के लिए शास्त्रों में कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं।
1. घर की शुद्धि और पवित्रता
होलाष्टक के दौरान रोजाना घर में गंगाजल का छिड़काव करें। गंगाजल की पवित्रता किसी भी प्रकार की बुरी ऊर्जा को नष्ट करने में सक्षम है। इसके साथ ही सुबह और शाम घर में गुग्गुल, लोबान या कपूर की धूप जलाएं। इसका धुआं घर के कोनों-कोनों से नकारात्मकता को बाहर निकाल देता है।
2. मुख्य द्वार पर सुरक्षा कवच
घर का मुख्य प्रवेश द्वार वह स्थान है जहाँ से ऊर्जा का प्रवेश होता है। होलाष्टक में अपने घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और कुमकुम का छिड़काव करें या स्वास्तिक बनाएं। हल्दी और कुमकुम को मंगलकारी माना जाता है, जो बुरी शक्तियों के लिए अवरोध का कार्य करते हैं और घर में सकारात्मकता बनाए रखते हैं।
3. हनुमान जी की शरण में जाएं
संकटमोचन हनुमान जी की पूजा होलाष्टक में विशेष फलदायी होती है।
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प्रतिदिन हनुमान चालीसा और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ करें।
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मंगलवार और शनिवार को बजरंगबली को गुड़ और चने का भोग लगाएं। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने वाले व्यक्ति के पास नकारात्मक शक्तियां फटक भी नहीं पातीं।
4. दान-पुण्य से अर्जित करें शुभता
होलाष्टक का समय केवल परहेज का ही नहीं, बल्कि पुण्य कमाने का भी है। इस दौरान अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें। विशेष रूप से गेहूं और तिल का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह दान आपके आने वाले समय में संपन्नता और शुभता सुनिश्चित करता है।
होलाष्टक 2026: एक नज़र में
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तिथि: 24 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक।
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क्या न करें: विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नया व्यापार शुरू करना वर्जित है।
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क्या करें: जप, तप, दान और ईश्वर की आराधना।
