होली का रंग रंगीला हास्य फल
(सुधाकर आशावादी – विभूति फीचर्स)लोक संस्कृति और परंपरा में उल्लास, उमंग और ठिठोली का पर्व होली हर वर्ष की भाँति फाल्गुन पूर्णिमा पर दस्तक दे चुका है। पहले होलिका दहन, फिर रंगों की बौछार—यही तो है इस मस्ती भरे त्योहार की पहचान। टेसू के फूलों की महक, अबीर-गुलाल की फुहार और “बुरा न मानो होली है” का उद्घोष—सब मिलकर सामाजिक समरसता का अद्भुत रंग रचते हैं।
रोजमर्रा की भागदौड़ और जिम्मेदारियों में उलझा आम इंसान साल भर जिस मुक्त हँसी के लिए तरसता है, वह अवसर होली ही देती है। तो आइए, इस रंगीन पर्व पर पढ़िए अपनी राशि का हल्का-फुल्का हास्य फल। ध्यान रहे—यह शुद्ध मनोरंजन हेतु है, पूर्ण सत्य सिद्ध होने की कोई गारंटी नहीं!
मेष (अ, चू, चे, चो, ला, ली, ले, लो, आ)
आपका नाम हर सूची में सबसे ऊपर! प्रयोगों की शुरुआत भी आपसे ही। इस बार होली में आगे-आगे मत दौड़िए, पानी वाले गुब्बारों से बचकर रहिए। साथियों के पीछे रहकर रंग लें, सुरक्षित रहेंगे।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
कर्मठता कूट-कूट कर भरी है, पर स्वभाव थोड़ा शर्मीला। बिना “गृह मंत्रालय” (अर्थात् पत्नी) की अनुमति रंग खेलने बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। समर्पण भाव बनाए रखें, होली भी शांति से कटेगी।
मिथुन (का, की, कू, घ, ड़, छ, के, को, हा)
आप खुलकर होली खेल सकते हैं, पर पड़ोस में तांक-झांक से बचें। गले मिलना मर्यादा में ही शुभ है। विकृत भावों पर नियंत्रण रखें, वरना होली के रंग रिश्तों में दाग बन सकते हैं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपकी “ही-ही, हू-हू” वाली हँसी ही आपकी पहचान है। मजाक करें, परफ्यूम लगाकर गले मिलें। कोई बुरा माने तो तुरंत कह दें—“बुरा न मानो होली है!”
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
नाम सिंह, पर घर में भीगी बिल्ली! पत्नी के सुर में सुर मिलाना ही सर्वश्रेष्ठ नीति है। अन्यथा नीले ड्रम जैसी स्थिति बन सकती है। सावधानी ही बचाव है।
कन्या (टो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
चंचलता और नजाकत दोनों आपके गुण। गोलगप्पे खाएं, पर सीमित मात्रा में। अनुचित मजाक या गलत संगति से बचें, वरना पर्व का आनंद फीका पड़ सकता है।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
संतुलन आपकी पहचान है, पर होली में तराजू गड़बड़ा सकता है। जो मिले, खा-पी लें। मीठा-नमकीन सब चलेगा, बस अगले दिन पेट का ध्यान रखें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)
डंक मारने की आदत पर इस बार विराम। मीठी वाणी से दिल जीतने का प्रयास करें। शाम तक प्यार की दुकान खुले रहने की संभावना है, फिर पुराना रंग लौट सकता है।
धनु (ये, यो, भा, भि, भू, धा, फा, ढा, भे)
भाभी से दूरी ही सुरक्षा कवच है। नशेड़ी मित्रों से बचें। अपशब्दों से परहेज करें, बदनामी का रंग जल्दी नहीं उतरता।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
आपके लिए होली शुभ संकेत ला रही है। लंबित कार्य पूरे हो सकते हैं। पर शरारत की सीमा लांघी तो पुलिस रंग में भंग डाल सकती है।
कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आप चिकने घड़े समान—रंग टिकता नहीं! कांजी के बड़े और पकवानों में आपकी विशेषज्ञता झलकेगी। सोशल मीडिया पर “स्वाद शिरोमणि” का प्रचार कर सकते हैं।
मीन (दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची)
मछली की आँख पर निशाना साधने वाले आप। मनोकामना पूर्ण होने के संकेत हैं, पर खुशी स्थायी नहीं। बचपन की होलियों को याद कर मन बहलाएं। अति उत्साह से बचें।
अंतिम निवेदन:
होलिका की अग्नि में अहंकार और कटुता का दहन करें, और रंगों में प्रेम, समरसता और हास्य घोलें।
बुरा न मानो, होली है! 🎨🌸

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