ज्येष्ठ पूर्णिमा और बिल्व त्रिरात्रि का महासंयोग: आज सोमवार को करें बेल के पेड़ के ये 12 चमत्कारी उपाय, दूर होगी हर बाधा
इस वर्ष 29 जून (सोमवार) को एक अत्यंत दुर्लभ और पवित्र धार्मिक संयोग बन रहा है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की स्नान-दान की पूर्णिमा है, और इसके साथ ही 'बिल्व त्रिरात्रि' का महापर्व भी मनाया जा रहा है।
धार्मिक दृष्टिकोण से यह दिन बेहद खास है; जहाँ पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की कथा और व्रत का विधान है, वहीं बिल्व त्रिरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती (उमा-महेश्वर) की बेलपत्रों से विशेष पूजा की जाती है। इसी दिन ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध देव स्नान पूर्णिमा (जलयात्रा) निकाली जाएगी और दक्षिण भारत व गुजरात-महाराष्ट्र में सुहागिनें वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत रखेंगी।
यदि आप भी अपने जीवन से आर्थिक, मानसिक या पारिवारिक परेशानियों को दूर करना चाहते हैं, तो आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार सोमवार को बेल के पेड़ (बिल्व वृक्ष) से जुड़े ये 12 आसान और अचूक उपाय जरूर करें
जीवन की हर समस्या के लिए अचूक उपाय
1. वैवाहिक जीवन के तनाव को दूर करने के लिए
यदि दांपत्य जीवन में अनबन चल रही है, तो स्नान के बाद किसी बिल्व वृक्ष के पास जाकर धूप (अगरबत्ती) जलाएं। उस धूप से निकलने वाले धुएं को अपने दोनों हाथों में समेटकर अपनी बंद आंखों पर धीरे-धीरे लगाएं और हाथों को कानों के पीछे तक ले जाएं। फिर आंखें खोलकर वृक्ष को प्रणाम करें।
2. सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए
जीवन को खुशियों से भरने के लिए सुबह तांबे या पीतल के लोटे में शुद्ध जल लें। बेल के पेड़ के पास जाकर उसकी जड़ में जल अर्पित करें और इस दौरान पूरी श्रद्धा से 'ऊँ' शब्द का मन ही मन उच्चारण करें।
3. लवमेट के बीच की अनबन सुलझाने के लिए
यदि प्रेम संबंधों में किसी बात को लेकर दूरियां आ गई हैं, तो सोमवार को एक छोटे पात्र (कटोरी) में जौ के दाने लें। इस पात्र को जौ समेत बिल्व वृक्ष के नीचे रख आएं और वहां दो मिनट बैठकर शांत मन से भगवान शिव का ध्यान करें।
4. सभी कष्टों और संकटों से मुक्ति हेतु
हर तरह के ज्ञात-अज्ञात संकट से मुक्ति पाने के लिए बेल के पेड़ के नीचे मिट्टी के दीपक में गाय का घी और बत्ती डालकर दीया जलाएं। साथ ही, भगवान शिव को एक साबुत बेल का फल (श्रीफल) अर्पित करें।
आर्थिक लाभ और संतान की उन्नति
5. अपार धन-लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए
यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या व्यापार में उन्नति चाहते हैं, तो सोमवार को पंसारी की दुकान से बिल्व वृक्ष की समिधाएं (हवन की लकड़ी) लाएं। घर पर खीर और घी के साथ इन समिधाओं से छोटा सा हवन करें।
6. संतान की तरक्की और उज्ज्वल भविष्य के लिए
अपनी संतान के जीवन में सफलता के मार्ग खोलने के लिए एक मुट्ठी गेहूं के दाने लें। इन दानों को अपनी संतान के हाथों से स्पर्श कराएं (वार लें) और फिर बेल के पेड़ के पास जाकर इन दानों को जमीन में (मिट्टी के नीचे) दबा दें।
7. गुप्त शत्रुओं और विरोधियों की चालों को नाकाम करने के लिए
यदि ऑफिस या समाज में लोग आपकी तरक्की से जलते हैं और साजिशें रचते हैं, तो सोमवार को किसी भी शिव मंदिर में जाकर दूध का पैकेट दान करें। इसके बाद माता पार्वती और महादेव के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लें।
8. अटकी हुई मनोकामना पूर्ति के लिए
अपनी किसी विशेष इच्छा को पूरा करने के लिए सोमवार को ताजे बेलपत्रों से उमा-महेश्वर की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान पूरी निष्ठा के साथ इस महामंत्र का जाप करें:
'ऊँ नमः शिवाय।'
पारिवारिक समृद्धि और कानूनी विवादों से राहत
9. परिवार में बरकत और खुशहाली बनाए रखने के लिए
घर में अन्न-धन का भंडार हमेशा भरा रहे, इसके लिए मिट्टी के एक छोटे बर्तन (कुल्हड़ या सकोरे) में कच्चे चावल भरें। इसे लेकर बेल के पेड़ के पास जाएं, वृक्ष राज को प्रणाम करें और वह पात्र वहीं छोड़कर वापस आ जाएं।
10. कोर्ट-कचहरी और वैवाहिक विवादों से मुक्ति के लिए
यदि जीवनसाथी के साथ विवाद इस कदर बढ़ गया है कि बात अदालत तक पहुंच गई है, तो सोमवार को सूखे या ताजे बेलपत्रों से हवन (होम) करें। आप चाहें तो इसे स्वयं कर सकते हैं या किसी योग्य ब्राह्मण से भी संपन्न करवा सकते हैं।
11. कार्यों में मनचाही सफलता पाने के लिए
यदि आपके बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं, तो एक लोटे में जल भरें और उसमें कुछ स्वच्छ बेलपत्र डाल लें। अब शिव मंदिर जाकर इस अभिमंत्रित जल को शिवलिंग पर धीरे-धीरे अर्पित करें।
12. प्रेम विवाह (Love Marriage) की बाधाएं दूर करने के लिए
यदि आप अपने लव पार्टनर के साथ विवाह बंधन में बंधना चाहते हैं, तो 21 साफ-सुथरे बेलपत्र लें। इन्हें एक मोटे सफेद धागे में पिरोकर सुंदर माला बना लें और इसे भगवान शंकर के गले में या शिवलिंग पर अर्पित करें।
