Nag Panchami 2026 Puja Vidhi & Samagri: आज मनेगी नाग पंचमी, कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस सरल विधि से करें पूजा; जानें जरूरी नियम और सामग्री

Nag Panchami 2026: Nag Panchami is being celebrated today; perform the puja using this simple method to seek relief from Kaal Sarp Dosh—learn about the essential rules and required materials.
 
Nag Panchami 2026 Puja Vidhi & Samagri

Nag Panchami 2026 Puja Vidhi & Samagri: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ के प्रिय आभूषण माने जाने वाले नाग देवताओं की इस दिन विशेष उपासना की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन विधि-विधान से पूजन करने पर सर्पदोष और कालसर्प दोष से राहत मिलती है तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

 नाग पंचमी पूजन सामग्री की पूरी सूची

पूजा शुरू करने से पूर्व निम्नलिखित सामग्रियों की व्यवस्था कर लें:

  • धातु की प्रतिमा: चांदी, तांबे या पीतल के नाग-नागिन का जोड़ा (या मिट्टी का शिवलिंग)।

  • मुख्य द्वार के लिए: गाय का ताजा गोबर, हल्दी अथवा चंदन (द्वार पर नाग आकृति बनाने हेतु)।

  • अभिषेक सामग्री: तांबे के लोटे में शुद्ध जल, कच्चा दूध, गंगाजल।

  • पूजा सामग्री: रोली, अक्षत (अखंडित चावल), ताजे बेलपत्र, दूर्वा, ताजे पुष्प, धूप, दीप, अगरबत्ती।

  • भोग व अन्य: मौसमी फल, सफेद मिठाई और रुद्राक्ष की माला।

 नाग पंचमी की सरल एवं प्रामाणिक पूजा विधि

  1. स्नान व संकल्प: प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लें।

  2. मुख्य द्वार पर आकृति: घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर गोबर, हल्दी या चंदन से नाग देवता का प्रतीकात्मक चित्र बनाएं।

  3. शिवलिंग व नाग पूजन: पूजा स्थल पर स्थापित शिवलिंग और नाग-नागिन की प्रतिमा पर जल और कच्चे दूध की धार अर्पित करें।

  4. श्रृंगार व भोग: नाग देवता को रोली, अक्षत, पुष्प और बेलपत्र चढ़ाएं। इसके बाद मिष्ठान और फल का भोग लगाएं।

  5. मंत्र जप व स्तोत्र: पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" और 'नाग स्तोत्र' का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।

  6. आरती व दान: अंत में नाग देवता व भगवान शिव की आरती उतारें और उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित करें।

(विशेष: कालसर्प दोष निवारण हेतु चांदी या तांबे के नाग-नागिन के जोड़े का विधिपूर्वक पूजन कर उसे किसी पवित्र बहती नदी में प्रवाहित करना शुभ माना जाता है।)

 नाग पंचमी पर इन 5 बातों का रखें खास ध्यान (नियम व सावधानियां)

  • भूमि की खुदाई न करें: इस दिन खेत जोतना, जमीन खोदना या गड्ढा करना पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

  • जीवित सर्प को परेशान न करें: जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने या उन्हें कष्ट देने से बचें। धातु या मिट्टी की प्रतिमा का ही अभिषेक करें।

  • लोहे के तवे का परहेज: कई परंपराओं में इस दिन घर में लोहे के तवे पर रोटी बनाने की मनाही होती है।

  • सुई-धागे व धारदार वस्तुएं: इस दिन सिलाई-कटाई अथवा नुकीली और धारदार चीजों का उपयोग करने से बचना चाहिए।

  • दान-पुण्य: पूजा संपन्न होने के बाद जरूरतमंदों को अपनी सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र या फल का दान अवश्य करें।

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