Navaratri 2026 : सातवें दिन करें मां कालरात्रि के इन 5 मंत्रों का जाप, जानें पूजा का महत्व और विधि
आज होगी मां कालरात्रि की आराधना, धार्मिक मान्यता के अनुसार मंत्र जाप से मिलता है साहस, सकारात्मकता और मानसिक शांति का आशीर्वाद
Navaratri 2026 : नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। माता को शुभंकरी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय दूर करने और उन्हें नकारात्मक शक्तियों से बचाने वाली देवी हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्त व्रत, पूजन और मंत्र जाप के माध्यम से माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा 17 अक्टूबर को की जाएगी। इस दिन माता के विभिन्न मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं मां कालरात्रि के पांच प्रमुख मंत्र और उनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।
1. मां कालरात्रि का बीज मंत्र
मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः।
मां कालरात्रि के इस मंत्र का जाप श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया जाता है। मान्यता है कि मंत्र जाप से भक्तों को आत्मबल और मानसिक स्थिरता प्राप्त करने में सहायता मिलती है। भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधानुसार 11, 51 या 108 बार इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
2. मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र
मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥
इस ध्यान मंत्र के माध्यम से मां कालरात्रि के स्वरूप का स्मरण किया जाता है। धार्मिक परंपरा में ध्यान और मंत्र जाप को मन को एकाग्र करने तथा आंतरिक शांति का अनुभव करने का माध्यम माना गया है।
3. मां कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र
मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
यह मंत्र देवी की स्तुति और वंदना के लिए पढ़ा जाता है। भक्त मां कालरात्रि के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए इसका जाप करते हैं।
4. मां कालरात्रि का कवच मंत्र
मंत्र:
ॐ कालरात्रि महाकाली, कपालि करालिनी।
धर्म पाप नाशिन्यै, रक्षं देहि सदा शिवे॥
इस मंत्र को मां की रक्षा और कृपा की प्रार्थना से जोड़कर देखा जाता है। भक्त पूजा के दौरान इसका पाठ कर साहस, सुरक्षा और कल्याण की कामना करते हैं।
5. मां दुर्गा का नवार्ण मंत्र
मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
नवार्ण मंत्र मां दुर्गा की उपासना में विशेष महत्व रखता है। नवरात्रि के दौरान भक्त इसका जाप आध्यात्मिक साधना और देवी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए करते हैं।
मां कालरात्रि की पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
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सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल को साफ करें।
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मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर पूजा करें।
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श्रद्धानुसार फूल, फल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें।
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मंत्र जाप के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखने का प्रयास करें।
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पूजा के अंत में मां से परिवार की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की उपासना भय पर विजय पाने, साहस बढ़ाने और सकारात्मकता का संचार करने का प्रतीक है। मंत्र जाप आस्था और आध्यात्मिक साधना का हिस्सा है। हालांकि, रोगों के उपचार के लिए मंत्र जाप को चिकित्सा का विकल्प नहीं मानना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
