16 सितंबर को वृश्चिक राशि में जाएंगे चंद्रमा, मेष-धनु समेत इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क
Chandra Gochar 2026: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 16 सितंबर 2026 की सुबह चंद्रमा तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा का यह राशि परिवर्तन सुबह 10:49 बजे होने का उल्लेख किया गया है। ज्योतिष में वृश्चिक को चंद्रमा की नीच राशि माना जाता है। ऐसे में इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
चंद्रमा के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान कुछ जातकों को आर्थिक मामलों, स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, मिथुन, कन्या और धनु राशि वालों को इस दौरान विशेष सतर्क रहना चाहिए।
मेष राशि: यात्रा और आर्थिक मामलों में सावधानी
मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर आठवें भाव में होगा। ज्योतिष में यह भाव अचानक होने वाली घटनाओं और अनिश्चित परिस्थितियों से संबंधित माना जाता है। इस अवधि में आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है।
यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। वाहन चलाते समय भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। किसी तरह का अनावश्यक जोखिम लेने से परेशानी बढ़ सकती है। 18 सितंबर तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उपाय: शिव चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
मिथुन राशि: विरोधियों से रहें सावधान
मिथुन राशि वालों के लिए चंद्रमा छठे भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में छठा भाव रोग, ऋण और शत्रुओं से संबंधित माना जाता है। इस स्थिति में कार्यस्थल पर विरोधियों या प्रतिस्पर्धियों से सावधान रहने की जरूरत हो सकती है।
अपनी महत्वपूर्ण या निजी बातें हर किसी से साझा करने से बचें। खान-पान को लेकर भी सावधानी रखें और अत्यधिक तला-भुना भोजन करने से बचना बेहतर होगा। बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी रहेगा।
उपाय: ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
कन्या राशि: रिश्तों और निर्णयों में रखें संयम
कन्या राशि के लिए चंद्रमा तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के दौरान भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद होने की आशंका जताई गई है। इसलिए बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें।
धन से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें। गुस्से पर नियंत्रण रखना भी आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों के साथ व्यवहार में विशेष सावधानी बरतें, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न पैदा हो और आपकी पेशेवर छवि प्रभावित न हो।
उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।
धनु राशि: अचानक बढ़ सकते हैं खर्च
धनु राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर बारहवें भाव में होगा, जिसे ज्योतिष में व्यय और हानि से संबंधित माना जाता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है। कुछ जातकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है, इसलिए अपनी दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें।
पारिवारिक मामलों में कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले घर के वरिष्ठ सदस्यों की सलाह लेना बेहतर रहेगा। जीवनसाथी के साथ पुराने विवादों को दोबारा उठाने से बचें और छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ाने से सावधान रहें।
उपाय: चावल, चीनी या दूध जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
चंद्र गोचर के दौरान क्या रखें ध्यान?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में अनावश्यक जोखिम लेने, जल्दबाजी में आर्थिक फैसले करने और विवादों को बढ़ाने से बचना बेहतर रहेगा। शांत मन से निर्णय लेना और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना लाभकारी हो सकता है।
