पंचांग एवं शुभ मुहूर्त: 29 मार्च 2026

Panchang and auspicious time: March 29, 2026
 
पंचांग एवं शुभ मुहूर्त: 29 मार्च 2026
दिन: रविवार | विक्रम संवत: 2083 | ऋतु: वसंत
​आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है (प्रातः 07:46 तक), जिसके उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 समय सारणी (उज्जैन मानक समय)

​सूर्योदय: प्रातः 06:22
​सूर्यास्त: सायं 06:41
​ब्रह्ममुहूर्त: प्रातः 04:49 से 05:36 तक
​अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 से 12:56 तक (शुभ कार्यों के लिए उत्तम)
​राहुकाल: सायं 05:09 से 06:41 तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)

​✨ ज्योतिषीय गणना

​नक्षत्र: अश्लेशा (दोपहर 02:38 तक), तत्पश्चात् मघा
​योग: धृति (शाम 06:20 तक), तत्पश्चात् शूल
​दिशा शूल: आज पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचें।

​🙏 व्रत एवं पर्व विशेष

​आज कामदा एकादशी का पावन व्रत है। साथ ही वामन द्वादशी का भी विशेष महत्व है।
​सावधानी: शास्त्रों (ब्रह्मवैवर्त पुराण) के अनुसार, द्वादशी तिथि को 'पोई' (पूतिका) का सेवन वर्जित माना गया है।

​🌿 आयुर्वेद और स्वास्थ्य: बरगद (बड़) के

औषधीय लाभ

​आयुर्वेद में बरगद के वृक्ष को 'अक्षय' और औषधीय गुणों का भंडार माना गया है। इसके दूध और छाल का सही उपयोग कई जटिल रोगों में रामबाण सिद्ध होता है।

​💎 पौरुष शक्ति और शारीरिक कमजोरी

​बरगद का दूध वीर्य दोष, शीघ्रपतन और स्वप्नदोष जैसी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी है।
​सेवन विधि: प्रातः सूर्योदय से पूर्व, 2-3 बताशों में बरगद के दूध की 4-5 बूंदें डालकर सेवन करें। इसे धीरे-धीरे बढ़ाएं और फिर कम करते हुए प्रारंभिक मात्रा पर आ जाएं। 40 दिनों का नियमित प्रयोग विशेष लाभ देता है।

🩺 अन्य रोगों में प्रभावी

  • ​मधुमेह (Diabetes): बरगद की छाल का काढ़ा नियमित रूप से पीने से शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है और शरीर को बल मिलता है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: कोमल पत्तों को सुखाकर चूर्ण बना लें। इसका काढ़ा बनाकर मिश्री के साथ पीने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है और पुराने जुकाम में राहत मिलती है।
  • त्वचा और दर्द: फटी एड़ियों पर बरगद का दूध लगाने से वे कोमल होती हैं। साथ ही, चोट या गठिया की सूजन पर इसका लेप करने से दर्द कम होता है।
  • रक्तस्राव: खूनी बवासीर या महिलाओं में रक्तप्रदर की समस्या में बरगद का दूध आंतरिक शक्ति प्रदान कर रक्तस्राव रोकने में सहायक है।

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