जानिए राहु कब देता है राजयोग और देता है शुभ फल

 राहु ग्रह के बारे में एक आम धारणा है कि वह लोगों के काम बिगड़ता रहता है जबकि 
Rajyog in kundli by Rahu राहु ग्रह के बारे में ज्योतिषियों ने कई तरह के अपने विचार व्यक्त किए हैं जिसमें से यह बताया जाता है किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में राहु तभी शुभ फल प्रदान करता है जब उसकी स्थिति ऐसी होती है कि वह शुभ घर में हो वैसे तो राहु छाया ग्रह माना जाता है और इसके बारे में कहा जाता है कि राहुल जिस भाव या जिस राशि में रहता है उसी के अनुसार फल देने लगता है जैसे कि राहु अगर किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में तृतीय शादी की तीसरे भाव में छठे दसवें और ग्यारहवें भाव में अगर राहु किसी भी व्यक्ति की कुंडली में है तो वह शुभ फल प्रदान करता है .

राहुल के बारे में यह भी बताया जाता है कि राहुल अपने शुभ राशि ग्रह और उच्च ग्रह की राशि के साथ में अगर रहता है इन दोनों की युति होती है तो राहु अपने शुभ राशि ग्रह के प्रभाव वृद्धि करता है और व्यक्ति को उत्तम फल प्रदान होते हैं राहु ग्रह के बारे में यह भी कहा गया है कि राहु अगर अनुकूल भाव में और अच्छी जगह बैठा हुआ है जहां से शुभ फल प्रदान कर सके तो ऐसे मामलों में यह देखा गया है कि राहुल आकस्मिक फल प्रदान करता है।

राहु द्वारा राज योग 
राहु द्वारा राजयोग बनाने की कई स्थितियां बताई गई है और जब भी किसी भी कुंडली में राहु त्रिकोण भाव में विद्यमान रहता है और कुंडली के केंद्र के स्वामी लिया जन्म कुंडली के केंद्र से जो भी ग्रह उपस्थित होंगे उनके साथ में संबंध बनाएगा तो उस समय राहु बहुत अच्छा फल देता है और केंद्र भाव में विद्यमान अगर राहु है और कुंडली के त्रिकोण के स्वामी के साथ में युति बनाता है तो उस समय भी राहु राज्यों के संबंध बनाता है।

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