Raksha Bandhan 2026 Rakhi Removal Rules & Rituals: रक्षाबंधन के बाद कलाई से कब और कैसे खोलें राखी? जानें शास्त्रों के अनुसार सही नियम और विसर्जन की विधि

Raksha Bandhan 2026: When and how should the Rakhi be removed from the wrist after Raksha Bandhan? Learn the correct rules according to the scriptures and the procedure for its disposal.
 
Raksha Bandhan 2026 Rakhi Removal Rules & Rituals

Raksha Bandhan 2026 Rakhi Removal Rules & Rituals: रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उनकी लंबी आयु और खुशहाली की कामना करती हैं। हालांकि, अक्सर त्योहार बीतने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि राखी को कलाई पर कितने दिनों तक बांधे रखना चाहिए और इसे उतारने का शास्त्रसम्मत नियम क्या है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षा सूत्र को एक पवित्र धागा माना जाता है, इसलिए इसे उतारने और विसर्जित करने के कुछ खास नियम निर्धारित हैं।

 रक्षाबंधन 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 09:09 बजे से

  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026, सुबह 09:48 बजे तक

  • रक्षाबंधन पर्व (उदया तिथि): 28 अगस्त 2026, शुक्रवार

 रक्षाबंधन के बाद कलाई से कब उतारें राखी?

शास्त्रों और लोक परंपराओं में राखी उतारने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं:

  • न्यूनतम 24 घंटे की अवधि: धार्मिक दृष्टि से राखी को कम से कम एक दिन (24 घंटे) तक कलाई पर बांधे रखना अनिवार्य और शुभ माना जाता है।

  • 3 से 7 दिनों की परंपरा: कई परिवारों में कुल परंपरा के अनुसार राखी को 3 दिन, 5 दिन या 7 दिनों तक कलाई पर रखा जाता है।

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक: उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में रक्षाबंधन के बाद आने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक रक्षा सूत्र बांधे रखने की परंपरा है। जन्माष्टमी की पूजा के बाद राखी को सम्मानपूर्वक खोल दिया जाता है।

 राखी उतारते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम

  1. अपवित्र अवस्था में न खोलें: राखी उतारने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और इष्टदेव का ध्यान करें।

  2. जल्दबाजी या तोड़-फोड़ से बचें: राखी को खींचकर या तोड़कर न उतारें, बल्कि गांठ को धीरे से खोलें।

  3. कचरे में फेंकना वर्जित: रक्षा सूत्र को कभी भी कूड़ेदान या अपवित्र स्थान पर न फेंकें, इससे दोष लगता है।

 उतारी गई राखी का क्या करें? (विसर्जन की सही विधि)

  • पवित्र जल में प्रवाहित करें: यदि राखी सूती धागे, रेशम या प्राकृतिक सामग्री से बनी है, तो उसे किसी साफ बहती नदी, नहर या जलाशय में प्रवाहित (विसर्जित) कर दें।

  • वृक्ष की जड़ में रखें: जल स्रोत उपलब्ध न होने पर इसे किसी पीपल, बरगद या तुलसी के पौधे की मिट्टी में सम्मानपूर्वक दबा सकते हैं।

  • मंदिर या तिजोरी में सुरक्षित रखें: यदि राखी धातु (सोना/चांदी) या कीमती पत्थरों से बनी है, तो उसे गंगाजल से शुद्ध करके लाल कपड़े में लपेटकर पूजा घर, अलमारी या तिजोरी में संभालकर रख सकते हैं।

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