Saturday Don ts: शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना झेलना पड़ सकता है शनि देव का भारी प्रकोप
शनि देव को न्याय और कर्मों का देवता माना जाता है. वे व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं. सनातन धर्म में शनिवार का दिन विशेष रूप से शनि देव की आराधना, व्रत और उन्हें तेल अर्पित करने के लिए समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से की गई पूजा से कुंडली में शनि मजबूत होते हैं और शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों से बड़ी राहत मिलती है.
शास्त्रों में जहाँ शनिवार के दिन दान और पूजा-पाठ को बेहद फलदायी बताया गया है, वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसे कार्य भी हैं जो शनिवार के दिन पूरी तरह वर्जित माने गए हैं. मान्यता है कि शनिवार को ये काम करने से शनि देव रुष्ट हो जाते हैं, जिससे जीवन में आर्थिक और मानसिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. आइए जानते हैं शनिवार को किन 5 कामों से बचना चाहिए:
1. बाल, दाढ़ी और नाखून काटना
शनिवार के दिन भूलकर भी बाल नहीं कटवाने चाहिए और न ही नाखून काटने चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार को ये कार्य करने से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और व्यक्ति को शनि दोष का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए इस दिन इन कार्यों को टालना ही बेहतर माना जाता है.
2. लोहे की वस्तुएं खरीदना
लोहे का सीधा संबंध शनि देव से माना गया है. ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, शनिवार के दिन घर में लोहा खरीदकर लाना बेहद अशुभ होता है. ऐसा करने से घर में अकारण कलह-क्लेश की स्थिति पैदा होती है और पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी मनमुटाव व तनाव बढ़ने की संभावना रहती है.
3. नमक की खरीदारी करना
शनिवार के दिन बाजार से नमक खरीदकर घर नहीं लाना चाहिए. माना जाता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर में दरिद्रता आती है और व्यक्ति पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ने लगता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
4. मांसाहार और मदिरा का सेवन
शनिवार का दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है, इसलिए इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली और शराब (मदिरा) का सेवन पूरी तरह वर्जित है. जो लोग शनिवार के दिन इन चीजों का सेवन करते हैं या इन्हें घर में पकाते हैं, उन्हें शनि देव के कड़े दंड और प्रकोप का भागी बनना पड़ता है.
5. पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में यात्रा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन पूर्व और उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र में शनिवार को इन दोनों दिशाओं में 'दिशाशूल' माना जाता है, यानी इस दिशा में की गई यात्रा निष्फल हो सकती है या उसमें बाधाएं आ सकती हैं.
यदि आप अपनी कुंडली में शनि देव की कृपा बनाए रखना चाहते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, तो शनिवार के दिन इन वर्जित कार्यों को करने से बचें और सात्विक जीवन जीते हुए शनि देव की आराधना करें.
