Sawan Last Somwar 2026 Puja Vidhi and Shubh Muhurat: सावन के अंतिम सोमवार पर ऐसे करें भगवान शिव का अभिषेक; जानें शुभ मुहूर्त, संपूर्ण पूजन विधि, मंत्र और जरूरी नियम

Sawan Last Monday 2026: Perform the *Abhishek* of Lord Shiva on the last Monday of Sawan in this manner; learn the auspicious timing, complete worship ritual, mantras, and essential guidelines.
 
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Sawan Last Somwar 2026 Puja Vidhi & Shubh Muhurat: सावन (श्रावण) का महीना भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस पावन मास का चौथा एवं अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार को निष्ठापूर्वक व्रत रखने और शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं, मनोवांछित जीवनसाथी मिलता है और जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं।

आइए जानते हैं सावन के अंतिम सोमवार की संपूर्ण पूजन सामग्री, वैदिक विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत के जरूरी नियम:

 सावन सोमवार 2026: शुभ पूजन मुहूर्त

मुहूर्त समय अवधि
ब्रह्म मुहूर्त 04:27 AM से 05:11 AM
प्रातः सन्ध्या 04:49 AM से 05:55 AM
अभिजित मुहूर्त 11:57 AM से 12:49 PM
विजय मुहूर्त 02:33 PM से 03:24 PM
गोधूलि मुहूर्त 06:52 PM से 07:14 PM
सायाह्न सन्ध्या 06:52 PM से 07:58 PM

 आवश्यक पूजन सामग्री

  • जलाभिषेक सामग्री: गंगाजल, शुद्ध जल, कच्चा गाय का दूध, ताजा दही, शहद और शुद्ध घी (पंचामृत)।

  • शिव प्रिय वस्तुएं: तीन पत्तियों वाला अक्षत बेलपत्र, भांग, धतूरा, श्वेत मदार (आक) के फूल, शमी पत्र और श्वेत चंदन।

  • अन्य सामग्री: अक्षत (बिना टूटे चावल), धूप, गाय के घी का दीपक, नैवेद्य (फल/मिठाई) और मौली।

 चरणबद्ध शिव पूजन विधि

  1. जलाभिषेक व पंचामृत स्नान: सर्वप्रथम तांबे, पीतल या चांदी के पात्र से शिवलिंग पर गंगाजल मिश्रित जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद से पंचामृत स्नान कराएं और पुनः शुद्ध जल चढ़ाएं।

  2. चंदन व अक्षत लेपन: शिवलिंग पर श्वेत या पीले चंदन का त्रिपुंड बनाएं और अक्षत अर्पित करें।

  3. बेलपत्र व पुष्प अर्पण: तीन पत्तियों वाले बेलपत्र के चिकने हिस्से पर चंदन लगाकर शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए उल्टा (चिकना भाग नीचे) अर्पित करें। इसके बाद भांग, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएं।

  4. धूप-दीप व भोग: घी का दीपक और धूप प्रज्वलित करें। मौसमी फलों, मखाने या खीर का नैवेद्य अर्पित करें।

  5. कथा व आरती: सावन सोमवार व्रत कथा एवं शिव चालीसा का पाठ करें। अंत में कपूर से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारें।

 प्रभावशाली शिव मंत्र

पूजा के दौरान इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें:

  • पंचाक्षरी मंत्र: ॐ नमः शिवाय

  • महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

  • शिव गायत्री मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

  • रुद्र मंत्र: ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः

 व्रत के नियम: क्या खाएं और क्या न खाएं?

 क्या खाएं (फलाहार):

  • ताजे फल (केला, सेब, अनार, पपीता आदि)।

  • गाय का दूध, दही, छाछ और मखाना।

  • कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूड़ी/रोटी, साबूदाना खिचड़ी (सेंधा नमक के साथ, यदि फलाहार ले रहे हों)।

 क्या न खाएं 

  • साधारण नमक (आयोडीन युक्त नमक), अन्न (गेहूं, चावल, दालें)।

  • प्याज, लहसुन, मांसाहार या किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन।

  • ध्यान रखें कि शिवलिंग पर जल हमेशा तांबे/पीतल के लोटे से और दूध चांदी या पीतल के लोटे से चढ़ाएं (तांबे के पात्र में दूध नहीं डालना चाहिए)।

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