Sheetala Saptami 2026: आज मनाया जा रहा है शीतला सप्तमी का पर्व, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और बासी भोजन का महत्व
शीतला सप्तमी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि का प्रारंभ कल रात ही हो चुका है, लेकिन उदयातिथि के अनुसार व्रत और पूजन आज किया जा रहा है:
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सप्तमी तिथि प्रारंभ: 9 मार्च, रात 11:27 बजे।
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सप्तमी तिथि समापन: 11 मार्च, देर रात 01:54 बजे।
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पूजा का सबसे शुभ समय: सुबह 06:37 मिनट से शाम 06:26 मिनट तक।
शीतला माता की सरल पूजा विधि
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शुद्धि: प्रातःकाल स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें।
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स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर शीतला माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
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संकल्प: हाथ में पुष्प, अक्षत और जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
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पूजन: माता को रोली, अक्षत, लाल फूल और धूप-दीप अर्पित करें। इस दिन शीतला स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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आरती: अंत में माता की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
बासी भोजन (बसोड़ा) का भोग क्यों?
शीतला माता को शीतलता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उन्हें गर्म तासीर वाली चीजों का भोग नहीं लगाया जाता। इस पूजा में एक दिन पहले (षष्ठी तिथि को) तैयार किया गया भोजन ही माता को अर्पित किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से मीठे चावल, दही, राबड़ी और पुए शामिल होते हैं। आज के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है और पूरा परिवार बासी भोजन ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करता है। जो लोग कल यानी 11 मार्च को शीतला अष्टमी मनाएंगे, वे आज ही प्रसाद तैयार कर लेंगे ताकि कल माता को ठंडा भोग लगाया जा सके।
