Shravan Purnima 2026 Chandra Grahan: श्रावण पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति और स्नान-दान के शुभ मुहूर्त
सुबह से दोपहर तक रहेगा चंद्र ग्रहण
भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके सूतक का प्रभाव भी यहां नहीं माना जाएगा। ऐसे में श्रावण पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार स्नान और दान कर सकते हैं।
स्नान-दान के प्रमुख शुभ मुहूर्त
श्रावण पूर्णिमा पर स्नान और दान के लिए ये प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं—
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 बजे से 5:37 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:14 बजे से 6:23 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:14 बजे से 1:05 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:45 बजे से 3:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:57 बजे से 7:19 बजे तक
इनमें श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार स्नान, पूजा एवं दान-पुण्य कर सकते हैं।
स्नान-दान का धार्मिक महत्व
श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने की विशेष मान्यता है। गंगा, यमुना आदि नदियों में स्नान के बाद अन्न, वस्त्र और धन का दान करना पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि स्नान से तन की शुद्धि और दान-पुण्य से मन की शुद्धि होती है।
जो लोग किसी पवित्र नदी में स्नान के लिए नहीं जा सकते, वे घर पर स्नान के जल में कुछ बूंदें गंगाजल की मिला सकते हैं। इस दौरान ‘गंगे च यमुने चैव, गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि, जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु॥’ मंत्र का जाप भी किया जाता है।
श्रावण पूर्णिमा का संबंध रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से भी है। इसलिए यह दिन धार्मिक और पारिवारिक दोनों दृष्टियों से विशेष माना जाता है। चंद्र ग्रहण के संयोग के कारण इस बार श्रद्धालुओं में स्नान-दान को लेकर विशेष उत्सुकता है। हालांकि, ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियमों का पालन करने से पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग और परंपरा को देखना उचित रहेगा।
