राहु की महादशा के लक्षण और उपाय

राहु से पीड़ित व्यक्ति के क्या लक्षण होते हैं?

राहु की महादशा चल रही हो तो क्या करना चाहिए?

राहु की महादशा में कौन सी बीमारी होती है?

राहु किस भगवान से डरता है?

 
राहु की महादशा के लक्षण और उपाय

rahu ke upay :   वैदिक ज्योतिष में राहु को एक रहस्यमयी ग्रह माना गया है। मंगल की महादशा समाप्त होने के बाद राहु की महादशा आरंभ होती है, जिसकी अवधि 18 वर्षों की होती है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इसके प्रभाव व्यक्ति को इसके आरंभ होने से लगभग 6 महीने से 1 साल पहले ही अनुभव होने लगते हैं।

अक्सर लोग राहु की महादशा को अशुभ मानकर भयभीत हो जाते हैं, जबकि सच यह है कि यदि राहु आपकी जन्मकुंडली में शुभ स्थान पर हो तो यह महादशा आपको धन, यश, पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान तक दिला सकती है। राहु की विशेषता यही है कि यह व्यक्ति को तिनके से महल और महल से राख भी बना सकता है। इसलिए इस काल में गलत कार्य और नकारात्मक सोच से बचना सबसे बड़ा उपाय है।

प्रसिद्ध कहावत है:
“राहु जिसे तारे, उसे भला कौन मारे।”
अर्थात – यदि राहु प्रसन्न है तो कोई भी शक्ति आपका अहित नहीं कर सकती।

राहु महादशा के संकेत (लक्षण)

राहु की महादशा आने से पहले और इसके दौरान निम्न अनुभव होने लगते हैं:

  • सपनों में अक्सर सांप दिखाई देना।

  • भोजन में कंकड़, बाल या अशुद्ध चीज़ें मिलना।

  • सात्विक भोजन की बजाय मांस, मछली या तामसिक आहार की ओर झुकाव होना।

  • चोरी, धोखा या विवाद का भय बने रहना।

  • निकट के लोगों की सच्चाई का पर्दाफाश होना।

  • जुआ, शराब, लॉटरी जैसी चीज़ों में रुचि बढ़ना।

राहु महादशा से बचाव के उपाय

राहु की महादशा से डरने की आवश्यकता नहीं है। यदि उचित साधना, पूजा और उपाय किए जाएँ तो इसके दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं।

मंत्र जाप

  • प्रतिदिन राहु के बीज मंत्र का जप करें:
    “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”

  • काल भैरव और भगवान महाकाल की पूजा करें।

  • माता सरस्वती की आराधना और हनुमान चालीसा का पाठ विशेष लाभकारी होता है।

लाल किताब के अनुसार उपाय

  1. बहते जल में नारियल प्रवाहित करें।

  2. चाँदी का चौकोर टुकड़ा अपने पास रखें या तिजोरी में रखें।

  3. आटे की गोलियाँ बनाकर नदी या तालाब में डालें।

  4. शनिवार को लोहे के बर्तन में तेल भरकर उसमें चेहरा देखकर दान करें।

  5. गणपति की नियमित पूजा करें, क्योंकि राहु गणेशजी के अधीन है।

  6. घर में स्वच्छता और हल्की रोशनी बनाए रखें।

  7. बुधवार और शनिवार को काले कुत्ते को रोटी या बिस्किट खिलाएँ।

  8. बुधवार और शनिवार को नीले वस्त्र पहनने से बचें।

  9. धर्म-कर्म और सेवा भाव में सक्रिय रहें।

  10. गरीब को काला-सफेद चेक वाला कंबल दान करें।

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