Vastu Tips For Roti: क्या रोटियां गिनकर बनाना सही है?
क्या रोटियां गिनकर बनाना गलत है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।ज्योतिषीय दृष्टि से गेहूं का संबंध सूर्य देव से माना जाता है, जो ऊर्जा, तेज और समृद्धि के प्रतीक हैं। इसलिए रोटियों की गिनती करना सूर्य की कृपा में कमी का कारण माना जाता है। हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं—इनका वैज्ञानिक आधार स्पष्ट नहीं है।
रोटी बनाने से जुड़े अन्य वास्तु नियम
चकला-बेलन की तेज आवाज
वास्तु में रसोईघर को घर का पवित्र स्थान माना गया है। कहा जाता है कि रोटी बनाते समय चकला-बेलन की तेज आवाज आना अशुभ संकेत हो सकता है, जो घर में तनाव या कलह का प्रतीक माना जाता है।
उपाय: यदि अधिक आवाज आती हो तो चकले के नीचे कपड़ा बिछा लें।
बासी आटा उपयोग न करें
कई लोग आटा गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार बासी आटा नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। ताजे आटे से बनी रोटियां घर में सकारात्मकता और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर मानी जाती हैं।
गर्म तवे पर तुरंत पानी न डालें
रोटी बनाने के बाद गर्म तवे पर तुरंत पानी डालना भी अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे घर में अचानक तनाव या विवाद की स्थिति बन सकती है।
पहली और आखिरी रोटी का महत्व
भारतीय परंपरा में पहली रोटी गाय के लिए निकालने की परंपरा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। इसी तरह आखिरी रोटी कुत्ते को देने की परंपरा भी कई घरों में आज तक निभाई जाती है। इसे सकारात्मक ऊर्जा और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है।
रोटियों को गिनकर बनाना या न बनाना व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है। वास्तु शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में सुविधा भी महत्वपूर्ण है। यदि आप परंपराओं में विश्वास रखते हैं, तो इन छोटे नियमों का पालन कर सकते हैं।
