Vat Savitri Vrat 2026 : पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलतियां
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अशुभ रंगों के कपड़े न पहनें
व्रत के दिन नीले, काले, सफेद और ग्रे रंग के कपड़े पहनने से बचें। सुहाग और शुभता के प्रतीक लाल, पीले और गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। श्रृंगार में भी इन्हीं शुभ रंगों का प्रयोग करें।
सोलह श्रृंगार जरूर करें
यह व्रत सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व है, इसलिए पूजा से पहले पूरा सोलह श्रृंगार करना शुभ माना जाता है।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
इस दिन बरगद का पेड़ की पूजा की जाती है। पूजा स्थल और पेड़ के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें।
सुबह जल्दी स्नान करें
प्रातःकाल उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का संकल्प लें।
पूजा सामग्री पूरी रखें
पूजा में बांस का पंखा, कच्चा सूत, भीगे हुए चने, सोलह श्रृंगार की सामग्री आदि अवश्य शामिल करें।
वट वृक्ष की परिक्रमा करें
धार्मिक मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। पूजा के दौरान कच्चा सूत लपेटते हुए 5, 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करें।
व्रत कथा जरूर सुनें
सावित्री और सत्यवान की कथा सुने बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। पूजा के बाद पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें।
दान और आशीर्वाद लें
पूजा के बाद सास का आशीर्वाद लें और पूजा सामग्री ब्राह्मण को दान करना शुभ माना जाता है।
क्रोध और विवाद से बचें
व्रत के दौरान मन शांत रखें। किसी भी प्रकार का झगड़ा, विवाद या नकारात्मक सोच व्रत के फल को कम कर सकती है।
वट सावित्री व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
- व्रत तिथि: 16 मई 2026, शनिवार
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 मई 2026, सुबह 5:11 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026, रात 1:30 बजे
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा, नियम और सकारात्मक भाव से किया गया वट सावित्री व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है।
