Vishwakarma Puja 2025 : इन आवश्यक सामग्रियों के बिना अधूरी है पूजा
2025 में विश्वकर्मा कब है?
आप फरवरी 2025 में विश्वकर्मा जयंती की कामना कैसे करते हैं?
विश्वकर्मा पूजा में कौन सा मंत्र पढ़ा जाता है?
विश्वकर्मा की अंतिम तिथि क्या है?
विश्वकर्मा पूजा 2025 की तिथि
विश्वकर्मा जयंती 2025: 17 सितंबर, बुधवार
इस दिन विशेष रूप से तकनीशियन, इंजीनियर, कारीगर और व्यापारी वर्ग पूजा-अर्चना करते हैं।
विश्वकर्मा पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
विश्वकर्मा पूजा में कुछ वस्तुएँ अनिवार्य मानी जाती हैं। इनके बिना पूजा अधूरी समझी जाती है:
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भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र
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कलश, आम के पत्ते और नारियल
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पुष्प और माला
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अक्षत (चावल) और रोली
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धूप, दीप और अगरबत्ती
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फल, मिठाई और पान-सुपारी
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नारियल, गन्ना और केला
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पंचमेवा और पंचामृत
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औजार, मशीनें या वाहन जिनकी पूजा की जानी है
पूजा विधि
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सबसे पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
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कलश स्थापना कर भगवान विश्वकर्मा का आह्वान करें।
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प्रतिमा/चित्र के सामने दीपक जलाएँ और धूप-फूल अर्पित करें।
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औजारों, मशीनों या वाहनों को धोकर उन पर हल्दी, रोली और फूल चढ़ाएँ।
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पंचमेवा और मिठाई का भोग लगाएँ और अंत में आरती करें।
महत्व
विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कर्म और कौशल के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस दिन कार्यक्षेत्र और उपकरणों की साफ-सफाई कर उन्हें पवित्र बनाया जाता है। माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना से नए अवसर, व्यापार में प्रगति और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है।
