अधिकतर लोगों की प्रार्थना क्यों नही पूरी होती है ? क्यों हमें लगता है कि भगवान हमारी नही सुन रहे हैं

पूजा करते समय अगर भगवान की उपस्थिति का एहसास होता है तभी प्रार्थना पूरी होती है ।
 
Hamari prarthna kyo nahi puri hoti hai
 अधिकतर लोग भगवान से पूजा करते समय मांगते हैं कि उन्हें पैसे चाहिए ,धन चाहिए जो कि उन्हें नहीं मिल पाता है उसका सीधा सा कारण यह है कि पैसे किसी को भी सीधे  किसी को भी ऐसे  नहीं मिलता है उसके लिए काम करना पड़ता है इसलिए हमारी प्रार्थना जो होनी चाहिए भगवान से वही होनी चाहिए कि हमें काम मिले हमें काम में सफलता मिले हम कर्म की दिशा में आगे बढ़े और जब आप कोई काम करेंगे उसमें सफलता मिलेगी और ऐसा काम कर रहे हैं जिसमें धन कमाने के लिए काम किया गया तो सफलता मिलते ही धन अपने आप आने लगेगा।

 धन कभी भी सीधे नहीं आता है उसके लिए कोई ना कोई माध्यम बनता है तो आप जब भी प्रार्थना करें तो उस माध्यम को बनाने के लिए प्रार्थना करें उस रास्ते पर चलने के लिए प्रार्थना करें उसमें काम करने के लिए प्रार्थना करें और हनुमान चालीसा में भी इस बारे में कहा गया है प्रार्थना करते समय चौपाई में यह है कि 
"बल बुद्धि विद्या देहु हरहु कलेश विकार "
यह मैनेजमेंट का बहुत बड़ा सूत्र है क्योंकि जब आप फिजिकली फिट होंगे आपका दिमाग अच्छी तरीके से काम करेगा आपको नॉलेज होगी यानी कि आप इस फील्ड होंगे तो आपको सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता है और उसके वजह से आपको पसंद ही मिलेगी धन मिलेगी वैभव मिलेगा वह सब कुछ मिलेगा जिसकी कामना करते हैं लेकिन सबसे पहले आपको अपने कर्म करने पड़ेंगे और भगवान से जब भी मांगे तो काम करने के लिए एक माध्यम मांगे तो फिर आप देखेंगे आपको सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता है.

पूजा करने का फल क्यों नही मिलता है ?

कई बार देखा जाता है कि सालों साल पूजा करने के बावजूद उसका कोई भी फायदा नहीं मिलता है उसके पीछे क्यों सरकारों को तलाशा में क्यों होता की पूजा करते समय भी हमारा ध्यान भटकता रहता है हम किसके लिए पूजा करने किसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं भगवान से यही प्रार्थना करते हैं क्या अपने मन में इस बात को महसूस करते हैं कि भगवान हमारे सामने हैं और हम उस ओर से यह बात कह पा रहे हैं अगर आपको यह लगता है कि आप जिससे अपनी बातों को कह रहे हैं वह सुन रहा है पूरी तरीके से आपको रिस्पांस मिल रहा है तो यकीन मानिए आपको पूजा पाठ कर रखना का हर हाल में फल मिलना ही मिलना है लेकिन अगर आप की फ्रीक्वेंसी मैच नहीं कर रही है और आप का ध्यान कहीं और है तो कभी भी प्रार्थना का लाभ नही मिलेगा ।
इसलिए जब भी पूजा करें उसके पहले अपने इष्ट का ध्यान करें जिसके लिए आप प्रार्थना कर रहे हैं तभी आपकी पूजा सफल होगी ।

भगवान की पूजा करते समय रोना क्यों आता है?

भगवान की पूजा करते समय अगर आप पूरी तरीके से भाव विह्वल होकर रोने लगते हैं और आपको यह लगता है कि आप अपनी बातें खुलकर अपने भगवान से कर पा रहे हैं तो यकीन मानिए कि आपकी पूजा सफल हो रही है क्योंकि आप अगर रोने लगते हैं और आपको लगता है कि आपकी बातें पूरी सुनी जा रही इसका मतलब कि आप की फ्रीक्वेंसी मैच हो चुकी है और आपकी पूरी बातें उन तक पहुंच रही हैं और भगवान अगर बातें हैं आपके दिल से पहुंच नहीं है तो कोई भी सवाल ऐसा नहीं है कि आपको उसका लाभ ना मिले आप जो भी करना करते हैं वह पूरी होती है।

पूजा करते समय उबासी आए तो क्या मतलब है?


पूजा करते समय अगर आपको सुबह ही आ रही है बार-बार आपको घर जमाई आ रहे थे इसका मतलब आप बिना मन के पूजा कर रहे हैं और आप केवल बोल रहे हैं और आपका मन नहीं लग रहा है और अगर आपका मन नहीं लग रहा है वह बासिया रही है तो इसका मतलब आप पूरी तरीके से negativity  के घेरे में और आप हो उसके पूजा का लाभ नहीं मिलने वाला है।

हम मंदिर क्यों जाते हैं?

मंदिर में हमेशा एक पॉजिटिविटी रहती है और वहां का माहौल ऐसा रहता कि वहां पहुंचते ही है अभी अपने को बहुत ही अच्छा महसूस करने लगता है और जब भी व्यक्ति के मन में पॉजिटिविटी रहती है तो उसके द्वारा जो भी काम होता उसकी प्रोडक्टिविटी बढ़ जाती है और एक बहुत बड़ा आशा का संचार होता है क्योंकि वह जो भी करेगा उसमें अब सफलता मिलेगी क्योंकि उसको भगवान का आशीर्वाद मिल चुका है इसलिए मंदिर में पहुंचते ही है एहसास होने लगता है कि हम पूरी तरीके से ऊर्जा से भर चुके हैं इसलिए मंदिर का जाना जरूरी होता है क्योंकि वहां हम अपनी बातों को भगवान से कहते हैं और वहां पर कहने के बाद में ही पूरी तरीके से जितनी भी नकारात्मकता हमारे दिमाग में रहती है वह खाली हो चुकी होती है और उसकी जगह एक पॉजिटिविटी दिमाग में आ जाती है।

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