महाशिवरात्रि पर करें भगवान शिव की सरल और फलदायी आराधना
(पं. विशाल शास्त्री – विभूति फीचर्स)
देवाधिदेव महादेव, भगवान भोलेनाथ को अत्यंत शीघ्र प्रसन्न करने वाले अनेक सरल और प्रभावी उपाय शिवपुराण में वर्णित हैं। ये उपाय इतने सहज हैं कि कोई भी श्रद्धालु इन्हें आसानी से कर सकता है। जीवन की भिन्न-भिन्न समस्याओं के समाधान हेतु शिवपुराण में अलग-अलग साधन बताए गए हैं, जिनका उद्देश्य मन, तन और जीवन में संतुलन स्थापित करना है।
शिवपुराण में वर्णित सरल उपाय
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भगवान शिव को चावल अर्पित करने से धन-लाभ होता है।
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तिल चढ़ाने से पापों का क्षय होता है।
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जौ अर्पित करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
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गेहूं चढ़ाने से संतान-सुख की प्राप्ति होती है।
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जलाभिषेक से रोगों में शीघ्र लाभ मिलता है, साथ ही सुख और संतान-वृद्धि के योग बनते हैं।
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शक्कर मिला दूध अर्पित करने से बुद्धि तीव्र होती है।
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गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में आनंद और उल्लास बढ़ता है।
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गंगाजल से अभिषेक करने पर भोग और मोक्ष—दोनों की प्राप्ति मानी गई है।
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शहद से अभिषेक करने से रोगों में राहत मिलती है।
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शारीरिक दुर्बलता दूर करने के लिए गौमाता के शुद्ध घी से अभिषेक उत्तम बताया गया है।
फूल और पत्र अर्पण का महत्व
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लाल व सफेद आक के फूल से पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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चमेली के फूल से वाहन-सुख मिलता है।
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अलसी के फूलों से पूजन करने पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा मानी जाती है।
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शमी पत्र से पूजन करने पर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
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जूही के फूल से अन्न-धान्य की कमी नहीं रहती।
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कनेर के फूलों से पूजन करने पर नए वस्त्र प्राप्त होते हैं।
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हरसिंगार से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।
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धतूरा अर्पित करने से योग्य संतान का आशीर्वाद मिलता है; लाल डंठल वाला धतूरा विशेष शुभ माना गया है।
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दूर्वा से पूजन करने पर आयु में वृद्धि होती है।
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पूजन के समय डमरू वादन और “बम-बम भोले” का स्मरण कृपा दिलाता है।
स्तुति, जप और विशेष साधना
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शिव सहस्रनामावली का पाठ करें।
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प्रचलित स्तुति का पाठ करें—
कर्पूर गौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि॥ -
21 बिल्वपत्रों पर चंदन से “नमः शिवाय” लिखकर अर्पित करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
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केसर मिला दूध चढ़ाने से विवाह संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं।
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नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाने से ऐश्वर्य और मानसिक प्रसन्नता बढ़ती है।
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गरीबों को भोजन कराने से घर में अन्न-समृद्धि बनी रहती है और पितरों को शांति मिलती है।
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प्रातः स्नान के बाद शिवालय में जल और काले तिल अर्पित कर ॐ नमः शिवाय का जप करने से मन शांत होता है।
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नदी या तालाब पर ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए आटे की गोलियाँ मछलियों को खिलाना धन-प्राप्ति का सरल उपाय माना गया है।
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प्रसाद अर्पित कर धूप-दीप से आरती करें और प्रसाद परिवार व बुजुर्गों के साथ ग्रहण करें।
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महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र का पाठ करने से भी शिव कृपा का विस्तार माना गया है।
महाशिवरात्रि पर इन सरल उपायों और भावपूर्ण उपासना से भगवान शिव की कृपा सहज ही प्राप्त की जा सकती है। यह पर्व केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि संयम, करुणा और कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प भी है।
