पीपल में कौन सा भगवान रहता है ? किस तरह से करें पूजा से कट जाएँ सारे कष्ट 

pipal tree

What is the benefit of Peepal Tree?

पीपल ट्री क्या है और इसके क्या फायदे हैं  What is Peepal tree? 

Benefits of peepal tree 
हिदु धर्म में पीपल के पेड़ का बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और हमारे पितरों का वास भी माना गया है।

पीपल वस्तुत: भगवान विष्णु का जीवन्त और पूर्णत:मूर्तिमान स्वरूप ही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है की वृक्षों में मैं पीपल हूँ।

पुराणो में पीपल के बारे में क्या कहा गया है ?
मूलतः ब्रह्म रूपाय मध्यतो विष्णु रुपिणः।
 अग्रतः शिव रुपाय अश्वत्त्थाय नमो नमः।। 
अर्थात इसके मूल में भगवान ब्रह्म, मध्य में भगवान श्री विष्णु तथा अग्रभाग में भगवान शिव का वास होता है।

पीपल की पूजा का हिन्दू धर्म के अनुसार बड़ा महत्व है पत्रों में कहा गया है कि पीपल की पूजा विधि विधान से करने वाले व्यक्ति को कभी भी जीवन में निराशा हाथ नहीं लगती है और कभी भी वह संकट में नहीं आता है क्योंकि पीपल में माना जाता है कि सभी देवताओं का वास होता है। इसीलिए हिंदू धर्म में पीपल वृक्ष की काफी मान्यता है और किसी भी पूजा पाठ को करने में पीपल का विशेष महत्व दिया गया है खास करके कहा गया है कि अगर किसी के ऊपर शनि का प्रकोप होता है तो पीपल की पूजा करने से उसके जीवन में दिया जलाने से कष्ट कम होते हैं।

पीपल की पूजा की विधि 

किसी भी घोर संकट में आने पर माना जाता है कि अगर पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तू काम ना बहुत ही जल्द पूर्ण होती है और इसका बहुत ही चमत्कारिक लाभ मिलता है इसलिए पीपल की महत्ता और भी बताई गई है जिस भी व्यक्ति को शनि का प्रकोप वह शनिवार के दिन शाम के समय पीपल की जड़ के पास दीया जला सकता है और अगर दिया जलाने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो शनि का प्रकोप कम होता है।

कहा यह भी जाता है कि अगर पीपल के पेड़ के नीचे शिवलिंग की स्थापना की जाए तो ऐसे व्यक्ति इसके द्वारा शिवलिंग की स्थापना की जाती है और विशेष रूप से पूजन किया जाता है उसको वह सारे लाभ मिलते हैं सारी मनोकामना पूर्ण होती है जिसके लिए वह यह सारे काम करता है लेकिन शिवलिंग स्थापित करना ही आज पूर्ण नहीं है शिवलिंग पर नियमित जल्दी चलना चाहिए और पूजन भी होते रहना चाहिए जिससे लगा तालाब बना रहता है किसी भी मंदिर की स्थापना अगर की जाती है तो उसके पूजा पाठ या तो यह व्यवस्था बनानी चाहिए कि पूजा किस तरीके से समय-समय पर होती रहे इसमें कहीं से कोई भी व्यवधान ना आए।

पीपल की पूजा कब नहीं करनी चाहिए?

पीपल वृक्ष को रविवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा नहीं करनी चाहिए ना ही उसे छूना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि रविवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दरिद्रता का वास होता है इसलिए रविवार के दिन पीपल की पूजा को वर्जित किया गया है और उस दिन पीपल के वृक्ष को छूना भी नहीं चाहिए क्योंकि इससे दरिद्रता आती है ऐसा माना जाता है जबकि शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से विशेष लाभ मिलते हैं।

आर्थिक लाभ के लिए पीपल की पूजा 

कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति अगर उसको कहीं से कोई भी समस्या आ रही है खास करके आर्थिक समस्या है तो उसके द्वारा पीपल के जड़ में जल चढ़ा कर उसकी सात बार परिक्रमा करनी चाहिए और यह कामना करनी चाहिए कि अगर उसके ऊपर कर्ज है दरिद्रता है या उसका कोई भी काम में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है तो यह इसकी कामना करनी चाहिए कि उससे निजात मिले और पीपल के वृक्ष को दोनों हाथों से छूटे हुए 108 बार ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए जिससे कुछ ही दिनों में लाभ दिखना शुरू हो जाता और व्यक्ति को वांछित सफलता मिलने लगती है।

आर्थिक समृद्धि के लिए पीपल वृक्ष लगाने चाहिए
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार हर व्यक्ति को अपने जीवन काल में पीपल का वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए और यह माना जाता है कि पीपल के पेड़ को लगाने वाले को कभी भी संकट नहीं होता है और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए लेकिन इसमें शर्त यह है कि पीपल के वृक्ष को अपने घर से दूर लगाना चाहिए जिससे उस पीपल के वृक्ष की छाया घर पर ना पड़े जैसा कि लोग अपने घरों में आर्थिक समृद्धि के लिए मनी प्लांट लगाते हैं उसी तरीके से पीपल के वृक्ष को भी लगाना चाहिए और जिस तरीके से पीपल का बिल से बढ़ता रहेगा उसी तरीके से घर में खुशहाली आती है आर्थिक संपन्नता होती है और सारे कामकाज निष्कंटक पूरे होते रहते हैं ऐसा माना जाता ।


संकट से उबारता है पीपल का पेड़ 

यदि पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर रविवार को छोड़कर नित्य हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो यह चमत्कारी फल प्रदान करने वाला उपाय है। रविवार को पीपल के पेड़ के नीचे पूजा नहीं करनी चाहिए.
अगर आप किसी घोर संकट में हैं तो पीपल के पत्तों का एक टोटका भी माना जाता है कि पीपल के पत्ते से एक उपाय आप कर सकते हैं कि पीपल के पत्तों को तोड़कर उसमें से 11 पत्ते ऐसे निकाले जो बहुत ही साफ-सुथरे हो जिसमें कहीं भी कोई भी दाग ना हो उस पर अब रो लिया चंदन से प्रभु श्री राम का नाम लिखकर उसकी माला का स्वरूप दे  कर हनुमान जी के चरणों में अर्पित कर दें या हनुमान जी को पहना दे तो कुछ ही दिनों में दिखेगा कि आपके जीवन में जो भी संकट है और धीरे-धीरे कम होने लगा है क्योंकि यह माना जाता है कि जो भी प्रभु श्री राम की आराधना करता है उससे हनुमान जी बहुत ही प्रसन्न होते हैं और आपने जो कि अपने संकट को निवारण करने के लिए प्रार्थना हनुमान जी से की है प्रभु श्रीराम से कामना किया है इसलिए आपके संकट बहुत ही जल्द पूर्ण हो सकते हैं.

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