लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 ड्रिंक्स, जानें इनके संभावित फायदे

चिया सीड्स ड्रिंक से लेकर ग्रीन टी तक, कुछ पेय पदार्थ लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में कर सकते हैं मदद

 
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 ड्रिंक्स, जानें इनके संभावित फायदे

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह पोषक तत्वों के मेटाबॉलिज्म, पित्त बनाने और शरीर से कई हानिकारक पदार्थों को संसाधित करने में अहम भूमिका निभाता है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी जीवनशैली जरूरी है। कुछ पेय पदार्थों में मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व भी संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी खास ड्रिंक से लिवर को तुरंत ‘डिटॉक्स’ करने का दावा सही नहीं है। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को संसाधित करने का काम लिवर और किडनी जैसे अंग करते हैं। ऐसे में इन सात पेय पदार्थों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

1. चिया सीड्स और नींबू का पानी

चिया सीड्स में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र और आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया के लिए उपयोगी हो सकता है। वहीं, नींबू से विटामिन सी मिलता है। चिया सीड्स को पानी में भिगोकर उसमें थोड़ा नींबू मिलाकर पिया जा सकता है। यह पेय शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने में भी मदद करता है।

2. ब्लूबेरी और केफिर स्मूदी

ब्लूबेरी में एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जबकि केफिर एक किण्वित डेयरी पेय है, जिसमें प्रोटीन और जीवित लाभकारी सूक्ष्मजीव हो सकते हैं। यह स्मूदी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकती है। हालांकि, लिवर की बीमारी को ठीक करने में इसके सीधे प्रभाव को लेकर अभी और शोध की जरूरत है। इसे बनाते समय अतिरिक्त चीनी डालने से बचें।

3. अनार और अदरक का जूस

अनार में पॉलीफेनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जबकि अदरक में जिंजरोल जैसे सक्रिय यौगिक मौजूद होते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, अनार और अदरक का जूस पीने से लिवर की बीमारी दूर होने का पर्याप्त प्रमाण नहीं है। बेहतर होगा कि जूस में चीनी न मिलाएं और संभव हो तो अनार साबुत खाएं, ताकि फाइबर भी मिल सके।

4. कॉफी और कोको

लिवर की सेहत के संबंध में कॉफी पर व्यापक वैज्ञानिक शोध हुआ है। कई अध्ययनों में नियमित कॉफी के सेवन और लिवर फाइब्रोसिस तथा सिरोसिस के कम जोखिम के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि कॉफी हर व्यक्ति में लिवर की बीमारी को रोक सकती है।

कोको में फ्लेवेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। कॉफी में थोड़ी मात्रा में बिना चीनी वाला कोको मिलाया जा सकता है। ध्यान रखें कि अधिक कैफीन से नींद और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अपनी सहनशीलता के अनुसार ही इसका सेवन करें।

5. तरबूज और अदरक का पेय

तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसमें विटामिन सी और लाइकोपीन भी पाया जाता है। अदरक में मौजूद सक्रिय यौगिकों पर सूजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के संदर्भ में शोध किया गया है। तरबूज और अदरक से तैयार पेय गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने का अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे बिना अतिरिक्त चीनी के तैयार करें।

6. शहद के साथ ग्रीन टी

ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिनमें ईजीसीजी (EGCG) प्रमुख है। फैटी लिवर सहित मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर इनके संभावित प्रभावों को लेकर शोध जारी है। ग्रीन टी को सीमित मात्रा में पिया जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में शहद मिलाना चाहें तो मिला सकते हैं, लेकिन शहद भी अतिरिक्त शर्करा का स्रोत है। इसलिए इसका अधिक इस्तेमाल न करें। ग्रीन टी का सामान्य पेय और ग्रीन टी के सघन सप्लीमेंट एक जैसे नहीं हैं। कुछ सघन अर्क लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इनका सेवन न करें।

7. पुदीने के साथ ब्लैक टी

ब्लैक टी में थियाफ्लेविन्स और अन्य पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं। इसमें पुदीने की पत्तियां डालकर बिना अतिरिक्त चीनी के स्वादिष्ट पेय तैयार किया जा सकता है। हालांकि, ब्लैक टी को लिवर की बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इसमें भी कैफीन होता है, इसलिए इसका सेवन अपनी जरूरत और सहनशीलता के अनुसार करें।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

  • संतुलित आहार लें: सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन के अच्छे स्रोत भोजन में शामिल करें।

  • चीनी कम करें: मीठे पेय पदार्थों और अधिक चीनी वाले पैकेज्ड जूस का सेवन सीमित रखें।

  • नियमित व्यायाम करें: शारीरिक सक्रियता वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।

  • शराब से बचें: शराब लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेष रूप से लिवर की बीमारी होने पर इससे पूरी तरह परहेज करना महत्वपूर्ण है।

  • बिना सलाह सप्लीमेंट न लें: ‘लिवर डिटॉक्स’ के नाम पर बिकने वाले उत्पादों और हर्बल सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

 कोई भी ड्रिंक लिवर की बीमारी का इलाज नहीं है। यदि लिवर संबंधी समस्या है या जांच में लिवर एंजाइम बढ़े हुए हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें। लिवर को स्वस्थ रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका संतुलित आहार, नियमित गतिविधि और उचित चिकित्सकीय देखभाल है।

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