चेहरे की झाइयां (Melasma) छीन रही हैं आपकी चमक? जानें इसके मुख्य कारण और बचाव के अचूक घरेलू उपाय
क्या है मेलाज्मा और इसके लक्षण?
मेलाज्मा त्वचा से जुड़ा एक विकार है जिसमें चेहरे पर भूरे या गहरे रंग के धब्बे बन जाते हैं। ये अक्सर गालों के ऊपरी हिस्से, माथे, नाक, ठोढ़ी और होंठों के ऊपर नजर आते हैं। हालांकि यह समस्या पुरुषों में भी हो सकती है, लेकिन 20 से 50 साल की महिलाओं, विशेषकर गर्भावस्था के बाद, इसमें अधिक जोखिम देखा जाता है।
मेलाज्मा के प्रमुख कारण
मेलाज्मा तब होता है जब त्वचा की कोशिकाएं (Melanocytes) सामान्य से अधिक मेलेनिन (Melanin) का उत्पादन करने लगती हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था के दौरान या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के कारण।
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दवाएं: गर्भनिरोधक गोलियों का अधिक सेवन।
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अनुवांशिकता: परिवार में किसी को मेलाज्मा होने पर इसकी संभावना बढ़ जाती है।
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धूप का प्रभाव: सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणों के संपर्क में अधिक रहना।
मेलाज्मा के प्रकार
यह मुख्य रूप से चेहरे के तीन हिस्सों को प्रभावित करता है:
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सेंट्रोफेशियल (Centrofacial): चेहरे के बीचों-बीच यानी माथा, नाक और ऊपरी होंठ।
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मलार (Malar): गालों के ऊपरी हिस्से पर।
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मैंडिबुलर (Mandibular): जबड़ों की रेखा के पास।
बचाव और घरेलू उपचार: आचार्य बालकृष्ण के अनुसार
मेलाज्मा को कम करने के लिए स्किन केयर और धूप से बचाव सबसे जरूरी है। आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य बालकृष्ण ने कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खे साझा किए हैं:
1. हल्दी, बेसन और दूध का लेप
हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो दाग कम करते हैं, वहीं बेसन और दूध त्वचा की चमक लौटाते हैं।
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विधि: समान मात्रा में हल्दी पाउडर और बेसन लेकर दूध में घोलकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें।
2. ताजा एलोवेरा जेल
एलोवेरा त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह न केवल झाइयों को हल्का करता है बल्कि मुंहासों की समस्या को भी जड़ से खत्म करता है।
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विधि: एलोवेरा के पौधे से ताजा जेल निकालकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। नियमित इस्तेमाल से धब्बे कम होने लगते हैं।
3. सूरज की रोशनी से बचाव
मेलाज्मा से बचने का सबसे आसान तरीका है कि तेज धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सनस्क्रीन का प्रयोग करें और चेहरे को ढंककर रखें।
