जौ या रागी की रोटी: सेहत के लिए कौन सा आटा है ज्यादा फायदेमंद? जानिए पूरा सच
जौ का आटा (Barley Flour): वजन और कोलेस्ट्रॉल के लिए बेहतरीन
जौ का आटा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो वजन घटाना चाहते हैं या कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं।
वजन घटाने में मददगार: जौ में मौजूद बीटा-ग्लूकन फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल: यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में काफी प्रभावी है और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
डायबिटीज के लिए फायदेमंद
जौ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
सावधानी
जौ में ग्लूटेन होता है, इसलिए सीलिएक रोग या ग्लूटेन एलर्जी वाले लोग इसका सेवन न करें।
रागी का आटा (Ragi Flour): हड्डियों और खून के लिए पावरहाउस
रागी को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है, खासकर कैल्शियम और आयरन के मामले में।
हड्डियों को बनाए मजबूत: रागी में किसी भी अन्य अनाज की तुलना में सबसे ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने में मदद करता है।
एनीमिया में फायदेमंद: इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है।
ग्लूटेन-फ्री विकल्प: रागी पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री है, इसलिए यह संवेदनशील पेट और एलर्जी वालों के लिए सुरक्षित है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा: रागी में मौजूद अमीनो एसिड तनाव और चिंता को कम करने में मदद करते हैं।
आपके लिए कौन सा आटा बेहतर है?
-
अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना, कोलेस्ट्रॉल कम करना या ब्लड शुगर कंट्रोल करना है, तो जौ का आटा बेहतर विकल्प हो सकता है।
-
अगर आपको कैल्शियम या आयरन की कमी, ग्लूटेन एलर्जी, या बच्चों और बुजुर्गों की हड्डियों की सेहत का ध्यान रखना है, तो रागी का आटा ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
