सिर्फ फेफड़े ही नही मजबूत होते हैं, इतने सारे फायदे हैं शंख बजाने के 

conch shell
conch shell shankh sound -क्यों बजाया  जाता है शंख ?
 

पुरानी सनातन परंपराओं में पूजा के समय शंख बजाने की परंपरा यूं ही नही रही है ।
शंख के बजाने से जो frequency उत्पन्न होती है उसमें शक्ति होती है कि वायरस को मार जा सके।
इस पर कई सारे रिसर्च भी हुए हैं और international journal में भी प्रकाशित हुए हैं ।
इस बारे में कई सारे रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों द्वारा शंख बजाय जाता है खासकर उनके फेफड़े मजबूत होते हैं और सांस लेने में कोई दिक्कत नही होती है ।
शंख बजाने के लिए उसे तेजी से फूंकना पड़ता है उसके कारण फेफड़े पूरी सांस भरते हैं इसलिए पूरे खुल जाते हैं और सांस छोड़ने पर सिकुड़ते हैं ।इससे फेफड़ों की एक्सरसाइज हो जाती है ।

शंख को इंग्लिश में shell कहते हैं 
शंख बजाने के हैं अद्भुत फायदे ..................
Health benefits of shankh (Conch shell )

1. रोजाना शंख बजाने से  गुदाशय की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। शंख बजाना मूत्रमार्ग, मूत्राशय, निचले पेट, डायाफ्राम, छाती और गर्दन की मांसपेशियों के लिए काफी बेहतर साबित होता है। शंख बजाने से इन अंगों का व्यायाम हो जाता है।

2. शंख बजाने से श्वांस लेने की क्षमता में सुधार होता है। इससे हमारी थायरॉयड ग्रंथियों और स्वरयंत्र का व्यायाम होता है और बोलने से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्याओं को ठीक करने में मदद मिलती है।

3. शंख बजाने से झुर्रियों की परेशानी भी कम हो सकती है। जब हम शंख बजाते हैं, तो हमारे चेहरे की मांसपेशियां में खिंचाव आता है, जिससे झुर्रियां घटती हैं।

4. शंख में सौ प्रतिशत कैल्शियम होता है। रात को शंख में पानी भरकर रखें और सुबह उसे अपनी त्वचा पर मालिश करें। इससे त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाएंगे।
शंख बजाने से तनाव दूर होता है 
Stress managment by conch shell
5. शंख बजाने से तनाव भी दूर हो जाता है, जो लोग ज्यादा तनाव में रहते हैं, उनको शंख जरुर बजाना चाहिए। क्योंकि शंख बजाते समय दिमाग से सारे विकार चले जाते है। शंख बजाने से घर के अंदर आने वाली नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती है। जिन घरों में शंख बताया जाता है, वहां कभी नकारात्मकता नहीं आती है।
तीन योगिक क्रिया एक साथ होती हैं शंख बजाने से 
 शंख बजाने से  दिल के दौरे से भी बच सकते है। नियमित रूप से शंख बजाने वाले को कभी हार्ट अटैक नहीं आती है। शंख बजाने से सारे ब्लॉकेज खुल जाते हैं। इसी तरह बार-बार सांस भरकर छोडऩे से फेंफड़े भी स्वस्थ्य रहते हैं। शंख बजाने से योग की तीन क्रियाएं एक साथ होती है – कुम्भक, रेचक, प्राणायाम।

शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है नासा के अनुसार – शंख बजाने से खगोलीय ऊर्जा का उत्सर्जन होता है जो जीवाणु का नाश कर लोगो को ऊर्जा व् शक्ति का संचार करता है।

 फेफड़ों के रोग करें खत्म : शंख बजाने से चेहरे, श्वसन प्रणाली, श्रवण तंत्र तथा फेफड़ों की बहुत बढिय़ा एक्सरसाइज होती है। जिन लोगों को सांस संबधी समस्याएं है, उन्हें शंख बजाने से छुटकारा मिल सकता है। हर रोज शंख बजाने वाले लोगों को गले और फेफड़ों के रोग नहीं होते। इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।

वैज्ञानिक मानते हैं कि शंख फूंकने से उसकी ध्वनि जहां तक जाती है, वहां तक के अनेक बीमारियों के कीटाणु ध्वनि-स्पंदन से मूर्छित हो जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं। यदि रोज शंख बजाया जाए, तो वातावरण कीटाणुओं से मुक्त हो सकता है। बर्लिन विश्वविद्यालय ने शंखध्वनि पर अनुसंधान कर यह पाया कि इसकी तरंगें बैक्टीरिया तथा अन्य रोगाणुओं को नष्ट करने के लिए उत्तम व सस्ती औषधि हैं। रोजाना सुबह-शाम शंख बजाने से वायुमंडल कीटाणुओं से मुक्त हो जाता है। इसीलिए सुबह-शाम शंख बजाने की परंपरा है।


शंख में होता है कैल्शियम 
. हड्डियों को मजबूत करे : शंख में कैल्शियम, गंधक और फास्फोरस काफी मात्रा में पाए जाते हैं। यह तत्व हड्डियों को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसलिए शंख में रखें पानी का सेवन करें।
जिनको कैल्शियम की कमी होती है उन्हें शंख में रात भर रकह हुआ पानी पीने की सलाह दी जाती है ।

कोरोना के समय लोगों को डाक्टरों द्वारा शंख बजाने को कहा गया था और शंख में जिस तरह से फंक मारी जाती है इसी तरह की डिवाइस भी मार्केट में आने लगी है | लेकिन जब शंख के कई सारे फायदे हैं तो क्यों न शंख बजाये 

शंख कहाँ मिलता है ?

वैसे तो शंख समुद्र में शैल  होता है वहीँ से निकलता है लेकिन किसी भी पूजा पाठ की दूकान से शंख को खरीदा जा सकता है online shell को भी खरीदा जा सकता है | 

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