Holi 2026: रंगों के उत्सव में अपनाएं ये जरूरी नियम; जानें सुख-समृद्धि के लिए क्या करें और किन गलतियों से बचें

Holi 2026: Follow these important rules during the festival of colors; learn what to do for happiness and prosperity and what mistakes to avoid.
 
Holi 2026

होली 2026: भारत का कोना-कोना आज रंगों और गुलाल की महक से सराबोर है। 4 मार्च, 2026 को मनाया जा रहा यह पावन पर्व केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फगुआ, धुलेंडी और धूलिवंदन जैसे कई नामों से मशहूर यह त्योहार मथुरा-वृंदावन की लठमार और फूलों वाली होली के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होली के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं होली के 'क्या करें और क्या न करें'

होली के दिन क्या करना चाहिए?

होली की शुरुआत धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है:

  • देव वंदन: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। सबसे पहले अपने आराध्य देवों को अबीर-गुलाल अर्पित करें।

  • राधा-कृष्ण की पूजा: होली का सीधा संबंध कान्हा और राधा रानी से है। आज के दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करें।

  • पंचदेव उपासना: भगवान विष्णु, शिव जी और माँ लक्ष्मी की आराधना करें। उन्हें घर में बनी शुद्ध गुजिया और मिठाई का भोग लगाएं।

  • मंत्रोच्चार: पूजा के दौरान सकारात्मक ऊर्जा के लिए इष्ट देव के मंत्रों का जाप करें।

  • सात्विक जीवन: त्योहार की पवित्रता बनाए रखने के लिए आज सात्विक भोजन ग्रहण करें और परिवार के साथ प्रेमपूर्वक समय बिताएं।

होली के दिन क्या न करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होली के दिन कुछ चीजों का दान वर्जित माना गया है, क्योंकि इससे घर की बरकत जा सकती है:

  • सफेद वस्तुओं का दान: आज के दिन दूध, दही या चीनी जैसी सफेद चीजों का दान न करें। माना जाता है कि इससे शुक्र ग्रह प्रभावित होता है।

  • सुहाग की सामग्री: बिंदी, सिंदूर या चूड़ियां किसी को दान में न दें। यह सौभाग्य की हानि का संकेत माना जाता है।

  • धातु और कांच: लोहा, स्टील या कांच से बनी वस्तुओं का दान आज वर्जित है।

  • धन और वस्त्र: होली के दिन पैसों या पुराने/नए कपड़ों का दान करने से बचना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इससे घर में दरिद्रता आ सकती है।

  • तेल का दान: सरसों के तेल का दान आज के दिन न करें।

  • नशा और दुर्व्यवहार: रंगों के इस पावन पर्व पर नशे से दूर रहें। किसी का अपमान न करें और न ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं।

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