प्याज-नींबू-शहद का मिश्रण आंखों की रोशनी बढ़ाता है? जानें क्या है सच्चाई
सोशल मीडिया और विभिन्न वेबसाइटों पर आंखों की रोशनी बढ़ाने, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी समस्याओं को ठीक करने के नाम पर कई घरेलू नुस्खे वायरल होते रहते हैं। ऐसा ही एक दावा प्याज के रस, नींबू के रस, शहद और गुलाबजल से तैयार मिश्रण को लेकर किया जाता है।
इस नुस्खे में दावा किया जाता है कि मिश्रण को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और रोजाना आंखों में डालने से मोतियाबिंद, ग्लूकोमा तथा आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याएं ठीक हो सकती हैं। हालांकि, आंखों में ऐसा घरेलू मिश्रण डालना सुरक्षित या प्रमाणित उपचार नहीं है।
आंखों में प्याज और नींबू का रस डालना क्यों खतरनाक हो सकता है?
आंख बेहद संवेदनशील अंग है। प्याज और नींबू के रस में मौजूद विभिन्न रासायनिक तत्व आंखों में जलन, लालिमा और क्षति पैदा कर सकते हैं। नींबू का रस विशेष रूप से आंखों के लिए उपयुक्त पदार्थ नहीं है। घरेलू स्तर पर तैयार किए गए मिश्रण में उसकी अम्लता, एकाग्रता और स्वच्छता नियंत्रित नहीं होती। इसलिए इसे आंख में डालने से संक्रमण या कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का जोखिम हो सकता है।
क्या शहद आंखों की बीमारी ठीक कर सकता है?
शहद को भोजन के रूप में इस्तेमाल करना अलग बात है, लेकिन घर पर प्याज और नींबू के साथ मिलाकर तैयार किया गया शहद का मिश्रण आंखों में डालना किसी प्रमाणित नेत्र उपचार का विकल्प नहीं है। आंखों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को विशेष रूप से निर्धारित स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। रसोई में बनाया गया मिश्रण इन मानकों की गारंटी नहीं देता।
मोतियाबिंद का इलाज इस मिश्रण से नहीं होता
मोतियाबिंद में आंख के प्राकृतिक लेंस में धुंधलापन विकसित होता है, जिससे दृष्टि प्रभावित हो सकती है। घरेलू रस या शहद की बूंदें डालकर मोतियाबिंद को समाप्त करने का दावा प्रमाणित चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। यदि धुंधला दिखाई देना, रोशनी के आसपास चमक दिखाई देना या दृष्टि कम होना जैसी समस्या हो तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
ग्लूकोमा में घरेलू नुस्खा और भी जोखिम भरा
ग्लूकोमा आंख की ऐसी स्थिति है जिसमें ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंच सकता है और उपचार में देरी से स्थायी दृष्टि हानि का जोखिम हो सकता है। इसलिए ग्लूकोमा के मरीज को किसी घरेलू मिश्रण से इलाज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ग्लूकोमा का उपचार व्यक्ति की स्थिति के अनुसार नेत्र चिकित्सक द्वारा तय किया जाता है। इसमें निर्धारित आई ड्रॉप, लेजर या सर्जरी जैसी चिकित्सा पद्धतियों की आवश्यकता हो सकती है।
चार-पांच महीने कमरे के तापमान पर रखने का दावा भी सावधानी मांगता है
प्याज और नींबू जैसे ताजा खाद्य पदार्थों से तैयार मिश्रण को घर पर बनाकर कई महीनों तक सुरक्षित मान लेना उचित नहीं है। केवल शहद मिलाने से किसी घरेलू मिश्रण की लंबे समय तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं मिलती। विशेष रूप से आंख में डालने वाले उत्पादों में माइक्रोबियल संक्रमण का जोखिम गंभीर हो सकता है। इसलिए बिना चिकित्सकीय और फार्मास्यूटिकल गुणवत्ता नियंत्रण के तैयार मिश्रण को आंखों में नहीं डालना चाहिए।
आंखों की देखभाल के लिए क्या करें?
आंखों की रोशनी या किसी बीमारी को लेकर परेशानी होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं। नियमित आंखों की जांच, मधुमेह और रक्तचाप जैसी स्थितियों का नियंत्रण तथा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही इस्तेमाल आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि गलती से प्याज, नींबू या कोई घरेलू मिश्रण आंख में चला जाए और तेज जलन, दर्द, लालिमा या धुंधला दिखाई देने लगे, तो आंख को रगड़ें नहीं और चिकित्सकीय सहायता लें। प्याज, नींबू, शहद और गुलाबजल से बने घरेलू मिश्रण को आंखों में डालकर मोतियाबिंद या ग्लूकोमा ठीक करने का दावा प्रमाणित चिकित्सा उपचार नहीं है। आंखों जैसी संवेदनशील जगह पर किसी भी घरेलू पदार्थ का इस्तेमाल करने से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
