Period and Exercise: पीरियड्स के दौरान वर्कआउट करना सही या गलत? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
मासिक धर्म यानी पीरियड्स हर महिला के जीवन का एक सामान्य और प्राकृतिक हिस्सा हैं। इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण अक्सर महिलाओं को पेट दर्द, ऐंठन (Cramps), थकान, कमर दर्द और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
ऐसे में अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या पीरियड्स के दिनों में एक्सरसाइज या वर्कआउट करना सुरक्षित है? कुछ लोग इस दौरान पूरी तरह बेड रेस्ट की सलाह देते हैं, तो कुछ सामान्य दिनों की तरह एक्टिव रहने की। आइए जानते हैं कि इस विषय पर विज्ञान और एक्सपर्ट्स की क्या राय है।
क्या पीरियड्स में एक्सरसाइज करना सुरक्षित है?
'ऑफिस ऑन विमेंस हेल्थ' (Office on Women's Health) के अनुसार, पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करना पूरी तरह से सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। बशर्ते आपकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब न हो या आपको अत्यधिक कमजोरी महसूस न हो रही हो।
वास्तव में, इस दौरान की गई हल्की शारीरिक एक्टिविटी शरीर के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। यह न सिर्फ आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) को बेहतर बनाती है, बल्कि आपको ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करती है।
पीरियड्स में वर्कआउट करने के बेहतरीन फायदे
अगर आप पीरियड्स के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करती हैं, तो इसके कई फायदे मिल सकते हैं:
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दर्द और ऐंठन से राहत: एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडोर्फिन (Endorphins) नामक हार्मोन रिलीज होता है, जिसे 'फील-गुड' हार्मोन भी कहते हैं। यह प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करता है और पीरियड्स के दर्द को कम करता है।
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मूड होता है बेहतर: चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स की समस्या को दूर करने में शारीरिक एक्टिविटी काफी मददगार होती है।
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थकान होती है दूर: हल्का वर्कआउट करने से सुस्ती दूर होती है और शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है।
इस दौरान कौन-सी एक्सरसाइज करना है बेस्ट?
पीरियड्स के दिनों में हैवी वेट लिफ्टिंग या बहुत ज्यादा थका देने वाला वर्कआउट करने से बचना चाहिए। इसके बजाय आप इन हल्की एक्टिविटीज को चुन सकती हैं:
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वॉकिंग (Walking): हल्की या मध्यम गति से टहलना सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है।
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योग और स्ट्रेचिंग (Yoga & Stretching): योग के कुछ आसान आसन और हल्की स्ट्रेचिंग से पीठ और पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
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हल्की एरोबिक्स या साइकिलिंग: यदि आपका शरीर इजाजत दे, तो आप कम तीव्रता वाली साइकिलिंग या एरोबिक्स कर सकती हैं।
वर्कआउट करते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
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शरीर की सुनें: हर महिला का शरीर अलग होता है। अगर किसी दिन आपको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, चक्कर आना या असहजता महसूस हो रही हो, तो खुद पर दबाव न डालें और शरीर को पूरा आराम दें।
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हाइड्रेटेड रहें: वर्कआउट के दौरान और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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आरामदायक कपड़े और सही प्रोडक्ट्स: एक्सरसाइज करते समय ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें। साथ ही, अपनी सुविधा के अनुसार सही सैनिटरी पैड या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करें ताकि लीकेज का डर न रहे।
पीरियड्स के दौरान खुद को एक्टिव रखना एक अच्छा फैसला है, लेकिन सबसे जरूरी है अपने शरीर के संकेतों को समझना। अगर दर्द या असहजता सामान्य से अधिक हो, तो वर्कआउट रोककर डॉक्टर की सलाह लेना ही समझदारी है।
