Premanand Ji Maharaj:जब टूटने लगे हिम्मत, तो याद रखें प्रेमानंद जी महाराज की ये 3 बातें; हर मुश्किल राह होगी आसान
1. सफलता का रिमोट कंट्रोल भगवान के पास है
महाराज जी कहते हैं कि मनुष्य केवल कर्म कर सकता है, लेकिन सफलता का अंतिम निर्णय 'ठाकुर जी' (भगवान) के हाथ में है।
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अटूट भरोसा: कभी-कभी हम जिसे अपनी हार समझते हैं, वह वास्तव में भगवान की कोई बड़ी योजना हो सकती है।
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बड़ी उपलब्धि की तैयारी: यदि आपको मनचाही सफलता नहीं मिल रही, तो निराश न हों। हो सकता है कि आपका 'मालिक' आपको आपकी उम्मीद से कुछ बहुत बड़ा देने की तैयारी कर रहा हो। बस अपना भरोसा बनाए रखें।
2. वक्त का पहिया: रात के बाद सवेरा निश्चित है
महाराज जी का एक बहुत प्रसिद्ध सिद्धांत है—"परिवर्तन ही संसार का नियम है।"
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धैर्य का महत्व: यदि आज जीवन में दुखों की घनी रात है, तो विश्वास मानिए कि सुख का सूरज भी जरूर उगेगा। अंधेरे से डरने के बजाय उससे लड़ने का साहस जुटाएं।
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सावधानी: महाराज जी यह भी चेतावनी देते हैं कि जब दिन (सफलता) हो, तो घमंड न करें, क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती। सुख और दुख, दोनों ही स्थितियों में खुद को संतुलित रखना ही असली बुद्धिमानी है।
3. 'नाम जप' में है अमोघ शक्ति
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, कलयुग में समस्त समस्याओं का एकमात्र और सबसे अचूक इलाज 'नाम जप' है।
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आंतरिक शक्ति: जब आप लगातार भगवान के नाम का जप करते हैं, तो आपके भीतर एक ऐसी आध्यात्मिक शक्ति पैदा होती है जो आपको बड़ी से बड़ी विपदा में भी टूटने नहीं देती।
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संकट से सुरक्षा: नाम जप न केवल मन को शांत करता है, बल्कि यह आपके प्रारब्ध (भाग्य) के कष्टों को काटने की क्षमता भी रखता है।
