राखी की सौगात
Rakhi gift
Fri, 8 Aug 2025
(विजय कुमार शर्मा-विनायक फीचर्स)
भाभी के मन में था इक सपना,
ननद का साथ, मायके का अपना।
राखी आई, पर बात छुपाई,
प्रीति से उसने योजना बनाई।
शिवानी आई, संग लाई मिठाई,
भाई की कलाई फिर से सजाई।
माँ की आँखें, पापा की बात,
हर कोना बोला,यही है सौगात।
भाभी का छलका प्रेम अपार,
रिश्तों में बंधा फिर नया उपहार।
हर ननद को मिल जाए ऐसी भाभी,
जो सहेजती जाए रिश्तों की चाभी।

