Sattu vs Bael: गर्मियों में सत्तू और बेल का शरबत है वरदान, लेकिन सेहत के लिए दोनों में से कौन है ज्यादा बेस्ट?

Sattu vs. Bael: Sattu and Bael sherbet are a boon during the summer months—but which of the two is truly better for your health? Find out what the experts have to say.
 
Sattu vs Bael

भीषण गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में लोग अक्सर उन चीजों की तलाश करते हैं जिनकी तासीर ठंडी हो। गर्मियों के 'सुपरफूड्स' की बात करें, तो सत्तू और बेलका नाम सबसे ऊपर आता है। गाँवों से लेकर दिल्ली जैसे महानगरों तक, अब ये ड्रिंक्स मॉडर्न लाइफस्टाइल और फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।n लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सत्तू और बेल में से कौन सा विकल्प आपकी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद है? आइए, न्यूट्रिशनल वैल्यू और एक्सपर्ट की राय से इसे समझते हैं।

न्यूट्रिशनल वैल्यू का मुकाबला

नीचे दी गई तालिका से समझें कि इन दोनों में शरीर को क्या मिलता है:

पोषक तत्व सत्तू (Sattu) बेल (Bael Fruit)
कैलोरी 400 kcal 130–140 kcal
प्रोटीन 20–22 ग्राम 1.5–2 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 55–60 ग्राम 30–32 ग्राम
फाइबर 10–12 ग्राम 2–3 ग्राम
कैल्शियम 40–50 mg 80–90 mg
आयरन 4–5 mg 0.5 mg
पोटैशियम - 600 mg

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

 

डॉ. प्रिया पालीवाल (चीफ डाइटिशियन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली) के अनुसार, बेल और सत्तू दोनों ही सेहत के खजाने हैं, लेकिन इनका कार्यक्षेत्र अलग-अलग है:

  • बेल का शरबत (पाचन का दोस्त): बेल मुख्य रूप से पेट के विकारों के लिए रामबाण है। यह पेट को ठंडक पहुँचाता है और कब्ज, एसिडिटी व गर्मी के कारण होने वाली दस्त जैसी समस्याओं में तुरंत राहत देता है।

  • सत्तू (एनर्जी का पावरहाउस): सत्तू में प्रोटीन और आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो शारीरिक मेहनत ज्यादा करते हैं या वजन घटाना चाहते हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास कराता है।

सत्तू या बेल: किसे चुनें?

अगर हम पोषण की तुलना करें, तो सत्तू न्यूट्रिशन के मामले में अधिक 'रिच' है, क्योंकि यह शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और प्रोटीन प्रदान करता है। वहीं, बेल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में ज्यादा प्रभावी है।

 

  1. संतुलन बनाएं: आप सुबह के समय सत्तू का सेवन कर सकते हैं जो आपको दिनभर ऊर्जा देगा, और दोपहर की धूप में बेल का शरबत पी सकते हैं जो पेट को ठंडा रखेगा।

  2. डायबिटीज के मरीज: शुगर के मरीजों को बेल का शरबत डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक मिठास अधिक होती है।

  3. मात्रा का ध्यान: सत्तू का अत्यधिक सेवन पेट में भारीपन या गैस पैदा कर सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लें।

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