व्रत में क्यों सेंधा नमक ही खाया जाता है ? Iodene वाले नमक से कौन सी बीमारियों के हो रहे हैं शिकार 

सेंधा नमक

 सेंधा नमक क्या है ? what is sendha namak rock salt 

sendha namak natural salt  यह पहाड़ों की चट्टानों में पाया जाता है खासकर यह खनिज में पाए जाने के कारण इसे Rock Salt भी कहा जाता है | सेंधा नमक( rock salt hindi ) को process कर नहीं बनाया जाता है यह खुद ही बना रहता है | सिंधु इलाके में ज्यादा पाए जाने के कारण इसे सेंधा नमक भी कहा जाता है | 

 

काला नमक और सेंधा नमक में क्या अंतर है?

काला नमक और सेंधा नमक बनाया नहीं जाता है यह खुद उत्पन्न होता है काला नमक ब्राउन कलर का होता है वहीँ सेंधा नमक हल्का गुलाबी या सफ़ेद कलर का होता है | जहाँ तक प्रवृत्ति की बात है काला नमक को कब्ज या उद्दीपन जाने पर उपयोग किया जाता है जबकि सेंधा नमक को आप हमेशा रेगुलर यूज़ में भी ले सकते हैं क्योंकि यह पचने में काफी लाभदायक है और हल्का होता है |

आयोडीन नमक और सेंधा नमक में क्या फर्क है?

एक भ्रम फैला फैला दिया गया की आयोडीन युक्त नमक नहीं खाने पर कई सारी बीमारियां हो जाती हैं इसे देश में साजिश के तहत भी देखा जा रहा है | पुराने लोग बताते हैं की पहले सेंधा नमक का ही प्रयोग किया जाता था लेकिन बाद में मल्टीनेशनल कंपनी ने अपना कारोबार फ़ैलाने के लिए आयोडीन युक्त नमक ही खाने के लिए एक तरीके से बाध्य कर दिया गया लेकिन जैसे जैसे लोगों में जागरूकता आई तबसे लोगों में सेंधा नमक और काला नमक खाने के लिए लोग खुद प्रेरित होने लगे | आयोडीन नमक को कई सारे केमिकल को डालकर सफ़ेद किया जाता है इस मामले में अगर आपको सफ़ेद वाला नमक खाना ही है तो जो नमक की डली आती थी उसका ही उपयोग किया जाना चाहिए |

सेंधा नमक के क्या फायदे? sendha namak benefits

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline) क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।

what is side effect of iodene salt

side effect of iodene salt के नाम पर बेचा जा रहा सफेद नमक लोगों के बीपी को बढ़ा रहा है और जहाँ तक ब्रेन के डेवलपमेंट की बात करें तो उस पर कोई बहुत फर्क नहीं पड़ता है सबसे बड़ी चीज है की सफ़ेद नमक खाने वालों को diabetes ,high BP जैसी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं इसका कारण यह है की white salt का nature acidic होता है जो शरीर में acid की मात्रा ज्यादा हो जाती है | और यही कारण है की पथरी की भी समस्या हो जाती है |
iodene के नमक को खाने के बाद शरीर को उसे डाइजेस्ट करने के लिए 23 गुना पानी ज्यादा पीना पड़ता है इसीलिए व्रत में सेंधा नमक खाने की सलाह दिया जाता है और सफेदनामक में केईकल पाए जाने के कारण इसे व्रत में वर्जित कर दिया गया है |

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