Soybean vs Chicken: प्रोटीन का असली 'पावरहाउस' कौन? जानें सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद
सोयाबीन: शाकाहारियों का 'प्रोटीन खजाना'
सोयाबीन को "वेजिटेबल मीट" भी कहा जाता है क्योंकि यह मांस के बराबर पोषण देने वाला सबसे किफायती स्रोत है।
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कंप्लीट प्रोटीन: इसमें वे सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता।
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हृदय के लिए सुरक्षित: इसमें सैचुरेटेड फैट बहुत कम और ओमेगा-3 फैटी एसिड अधिक होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है।
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हड्डियों की डेंसिटी: इसमें मौजूद आइसोफ्लेवोन्स हड्डियों को कमजोर होने से बचाते हैं।
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पाचन और वजन: फाइबर की प्रचुरता के कारण यह मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है।
चिकन: एथलीट्स और फिटनेस लवर्स की पसंद
मांसपेशियों के निर्माण (Muscle Building) के लिए चिकन, खासकर 'चिकन ब्रेस्ट', को सबसे प्रभावी माना जाता है।
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लीन प्रोटीन: इसमें कैलोरी कम और उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जिसे शरीर आसानी से सोख (Absorb) लेता है।
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मेंटल हेल्थ: चिकन में मौजूद ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है, जो मूड को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है।
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विटामिन B6: यह तत्व हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक है।
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मसल्स रिकवरी: जिम जाने वालों के लिए इसके अमीनो एसिड मांसपेशियों की त्वरित मरम्मत करते हैं।
तुलनात्मक विश्लेषण: किसमें कितना है दम?
| विशेषता | सोयाबीन (प्रति 100 ग्राम) | चिकन (प्रति 100 ग्राम) |
| प्रोटीन की मात्रा | लगभग 36-40 ग्राम | लगभग 25-30 ग्राम |
| अवशोषण (Absorption) | थोड़ा धीमा | बहुत तेज और प्रभावी |
| फाइबर | भरपूर मात्रा में | बिल्कुल नहीं |
| फैट | हृदय के लिए अच्छा (Good Fat) | लीन प्रोटीन, पर सैचुरेटेड फैट संभव |
कौन है "प्रोटीन का सरताज"?
अगर केवल संख्या (Quantity) की बात करें, तो सोयाबीन बाजी मार लेता है क्योंकि इसमें प्रति 100 ग्राम चिकन के मुकाबले अधिक प्रोटीन होता है। लेकिन अगर हम जैविक मूल्य (Biological Value) यानी शरीर द्वारा प्रोटीन सोखने की क्षमता की बात करें, तो चिकन थोड़ा बेहतर साबित होता है।
मसल बिल्डिंग के लिए: चिकन चुनें, क्योंकि इसमें कैलोरी कम और अवशोषण तेज होता है।बजट और कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन के लिए: सोयाबीन सबसे शानदार विकल्प है।
सावधानी की बात
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सोयाबीन: इसे हमेशा भिगोकर या अच्छी तरह पकाकर खाएं ताकि इसके एंटी-पोषक तत्व नष्ट हो जाएं।
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चिकन: इसे अधिक तेल में 'फ्राई' करने के बजाय ग्रिल, उबला हुआ या रोस्टेड खाएं।
