पथरी को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी , जानिए कारण, प्रकार और बचाव के असरदार उपाय
Learn about the causes, types, and effective prevention methods.
देश में बड़ी संख्या में लोग पथरी (स्टोन) को एक मामूली समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह स्थिति आगे चलकर दिल की बीमारी, क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ और यहां तक कि किडनी फेलियर का कारण भी बन सकती है। पथरी का दर्द बेहद असहनीय होता है और आज यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 20 से 40 वर्ष के युवाओं और यहां तक कि छोटे बच्चों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं, जिसे पीडियाट्रिक नेफ्रोलिथियासिस कहा जाता है।स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, देश के लगभग 70 प्रतिशत पथरी के मामले उत्तर और पश्चिम भारत में पाए जाते हैं, इसी वजह से इस क्षेत्र को “स्टोन बेल्ट” भी कहा जाता है।
पथरी कितने प्रकार की होती है?
मुख्य रूप से शरीर में तीन प्रकार की पथरी पाई जाती है—
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कैल्शियम स्टोन – अधिकतर डिहाइड्रेशन और पानी कम पीने से
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यूरिक एसिड स्टोन – शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से
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सिस्टीन स्टोन – कुछ मामलों में संक्रमण या अनुवांशिक कारणों से
किडनी में पथरी बनने के प्रमुख कारण
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शरीर में पानी की कमी
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पालक, आलू, ड्राई फ्रूट्स, चाय और चॉकलेट का अत्यधिक सेवन
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ज्यादा नमक और हाई-प्रोटीन डाइट
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लगातार तनाव और असंतुलित जीवनशैली
किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय
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नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें
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धूम्रपान से बचें
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दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
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संतुलित और हल्का भोजन करें
योग गुरु स्वामी रामदेव के अनुसार, पारंपरिक तौर पर कुछ घरेलू उपाय भी लाभकारी माने जाते हैं, जैसे—
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खट्टी छाछ का सेवन
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कुलथ (हॉर्स ग्राम) की दाल और उसका पानी
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पत्थरचट्टा के पत्ते
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सुबह नीम के पत्तों का रस (1 चम्मच)
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शाम को पीपल के पत्तों का रस (1 चम्मच)
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किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।
गॉल ब्लैडर में पथरी क्यों होती है?
गॉल ब्लैडर स्टोन के प्रमुख कारण हैं—
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मोटापा
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विटामिन C की कमी
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जंक और पैकेज्ड फूड
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पर्याप्त पानी न पीना
बचाव के लिए—
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वजन नियंत्रित रखें
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विटामिन C युक्त फल शामिल करें
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जंक फूड से दूरी बनाएं
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रोज़ लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं
