रात में फोन स्क्रॉल करने की आदत आपकी नींद और सेहत को कर रही है कमजोर

The habit of scrolling through your phone at night is affecting your sleep and health!
 
रात में फोन स्क्रॉल करने की आदत आपकी नींद और सेहत को कर रही है कमजोर
क्या आप भी रात को बिस्तर पर लेटते ही मोबाइल चलाने लगते हैं और देखते ही देखते नींद के घंटे कम हो जाते हैं? अगर ऐसा है, तो यह आदत आपकी ओवरऑल हेल्थ पर बुरा असर डाल सकती है। अच्छी सेहत के लिए समय पर सोना और समय पर उठना बेहद जरूरी है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी नींद की गुणवत्ता पर ध्यान ही नहीं देते। नतीजा—शारीरिक और मानसिक समस्याएं।

कितने घंटे की नींद है जरूरी?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार

  • 18 से 60 वर्ष के लोगों को हर दिन 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

  • बच्चों और किशोरों के लिए 8 से 12 घंटे की नींद आवश्यक मानी जाती है।

सिर्फ नींद के घंटे ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी अहम है। बेहतर नींद के लिए आप स्लीप मेडिटेशन, स्क्रीन टाइम कम करना और सोने से पहले रिलैक्सिंग रूटीन अपनाने जैसी आदतें विकसित कर सकते हैं।

कम सोने के नुकसान

अगर आप नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है, जिससे बार-बार बीमार होने का खतरा बढ़ता है। मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है, तनाव, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी की समस्या बढ़ सकती है। फोकस और याददाश्त में कमी आ सकती है। दिनभर थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। स्वस्थ जीवन के लिए रोज एक ही समय पर सोने और सुबह तय समय पर उठने की आदत डालना बेहद फायदेमंद है।

ज्यादा सोना भी नुकसानदायक

केवल कम सोना ही नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा सोना भी सेहत के लिए सही नहीं है। ज्यादा सोने से मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। लंबे समय तक बिस्तर पर लेटे रहने से पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। अधिक सोने वालों को अक्सर सुस्ती और थकान महसूस होती रहती है।

सही संतुलन है जरूरी

सेहतमंद रहने के लिए 7–8 घंटे की संतुलित और गहरी नींद सबसे बेहतर मानी जाती है। न बहुत कम, न बहुत ज्यादा—बल्कि नियमित और गुणवत्तापूर्ण नींद ही आपके शरीर और दिमाग को मजबूत बनाए रख सकती है। आज से ही अपनी नींद को प्राथमिकता दें, क्योंकि अच्छी नींद ही अच्छी सेहत की असली कुंजी है।

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