ब्रेकअप के बाद एक्स की प्रोफाइल बार-बार देखना क्यों बढ़ा देता है दर्द? रिसर्च क्या कहती है
सोशल मीडिया के दौर में ब्रेकअप के बाद अपने एक्स की प्रोफाइल देखना बहुत आम बात है। लोग जानना चाहते हैं—वो किसके साथ हैं? क्या वो आगे बढ़ चुके हैं? क्या उन्हें कोई फर्क पड़ा? पहली नजर में यह सामान्य जिज्ञासा लगती है, लेकिन मनोवैज्ञानिक शोध कुछ और ही कहानी बताते हैं। पिछले एक दशक में हुई कई स्टडीज़ से पता चला है कि बार-बार एक्स पार्टनर की सोशल मीडिया प्रोफाइल देखना दिल के दर्द को कम नहीं करता, बल्कि उसे और लंबे समय तक जिंदा रखता है।
दिमाग में यादों का कनेक्शन और मजबूत हो जाता है
अमेरिका की Stony Brook University की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट Joanne Davila के अनुसार, जब आप अपने एक्स को ऑनलाइन देखते रहते हैं, तो दिमाग में उनसे जुड़ी यादों और भावनाओं के बीच का कनेक्शन और मजबूत होता जाता है।जबकि रिकवरी के लिए जरूरी है कि ये भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर हो। बार-बार प्रोफाइल देखना ठीक इसके उलट काम करता है।
साइंस क्या कहती है?
साइबर-साइकोलॉजी से जुड़ी रिसर्च बताती है कि एक्स को “स्टॉक” करना ब्रेकअप से बाहर निकलने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। इससे:
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तनाव बढ़ता है
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एक्स की यादें बार-बार ताजा होती हैं
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आगे बढ़ने में दिक्कत होती है
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पर्सनल ग्रोथ प्रभावित होती है
Purdue University की साइकोलॉजी प्रोफेसर Michelle Drouin कहती हैं कि ऐसा व्यवहार इस बात का संकेत हो सकता है कि व्यक्ति अभी भी भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। इससे रिकवरी की रफ्तार और धीमी हो जाती है।
अटैचमेंट सिस्टम’ क्यों हो जाता है एक्टिव?
ब्रेकअप के बाद दिमाग का “अटैचमेंट सिस्टम” सक्रिय हो जाता है। जब इंसान खुद को असुरक्षित या अकेला महसूस करता है, तो वह उसी व्यक्ति की तरफ लौटना चाहता है जिससे कभी जुड़ाव था—चाहे वह सिर्फ ऑनलाइन ही क्यों न हो। एक्स की प्रोफाइल देखना भी एक तरह का अटैचमेंट बिहेवियर है। यह खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा दिखता है जिन्हें रिश्ता छोड़कर चला गया हो।
सोशल मीडिया और ‘डोपामीन लूप’
सोशल मीडिया हमारे दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम को ट्रिगर करता है। जब हम कोई नई फोटो, नया स्टेटस या कोई अपडेट देखते हैं, तो दिमाग में डोपामीन रिलीज होता है।इससे थोड़ी देर के लिए लगता है कि हमें कंट्रोल मिल गया है या हमें कुछ “नया” पता चला है। लेकिन यह राहत अस्थायी होती है। थोड़ी देर बाद बेचैनी लौट आती है और फिर दोबारा प्रोफाइल चेक करने की इच्छा होती है।अगर यह आदत बढ़ जाए, तो यह एंग्जायटी या ऑब्सेसिव व्यवहार का रूप भी ले सकती है।
क्यों मुश्किल है खुद को रोक पाना?
ब्रेकअप के बाद दिमाग में कई सवाल घूमते रहते हैं।
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क्या वो मूव ऑन कर चुके हैं?
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क्या उन्हें मेरी याद आती है?
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क्या वो किसी और के साथ खुश हैं?
इंटरनेट इन सवालों के जवाब “ढूंढने” का आसान रास्ता देता है, लेकिन सच यह है कि ये जवाब अक्सर दर्द को और बढ़ा देते हैं।
ब्रेकअप के बाद हेल्दी रहने के लिए क्या करें?
1. सोशल मीडिया दूरी बनाएं
कम से कम कुछ समय के लिए एक्स की प्रोफाइल न देखें। जरूरत पड़े तो उन्हें म्यूट या अनफॉलो कर दें। रिसर्च के अनुसार, 30 दिनों का डिजिटल ब्रेक मानसिक संतुलन में मदद कर सकता है।
2. ध्यान दूसरी दिशा में मोड़ें
वर्कआउट करें, टहलने जाएं, नई हॉबी अपनाएं या दोस्तों से बात करें। एक्टिव रहना भावनात्मक रिकवरी में मदद करता है।
3. कहानी को नया नजरिया दें
हर ब्रेकअप सिर्फ एक अंत नहीं होता। यह यह भी संकेत हो सकता है कि वह रिश्ता आपके लिए सही नहीं था। इसे भविष्य में बेहतर और हेल्दी रिश्ते की दिशा में एक कदम मानें। एक्स की सोशल मीडिया प्रोफाइल देखना कुछ पल की राहत दे सकता है, लेकिन लंबे समय में यह दिल के जख्म को भरने नहीं देता। रिकवरी का असली रास्ता दूरी, आत्म-देखभाल और नए नजरिए से होकर गुजरता है। ब्रेकअप मुश्किल जरूर है, लेकिन यह एक नई शुरुआत का मौका भी हो सकता है।
