सेवा, सुरक्षा और सुशासन के 12 वर्ष: 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

12 Years of Service, Security, and Good Governance: Prime Minister Narendra Modi Realizing the Pledge of a 'Developed India'
 
सेवा, सुरक्षा और सुशासन के 12 वर्ष: 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

विशेष आलेख — (लेखक: सुरेश पचौरी, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार)

किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक महान नेतृत्व की असल परीक्षा उसकी नीति, नीयत और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की कसौटी पर होती है। यह देश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस हर पैमाने पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। 26 मई 2014 को जब उन्होंने पहली बार देश के प्रधान सेवक के रूप में शपथ ली थी, तब देश की जनता ने उन पर एक बड़े बदलाव का भरोसा जताया था। अपने 12 वर्षों के अनवरत कार्यकाल में उन्होंने सत्ता को राजपथ नहीं, बल्कि 'कर्तव्य पथ' माना और देशवासियों के अटूट विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बनाया।

'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की सनातन भावना को आत्मसात करते हुए उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र को धरातल पर उतारा है। वर्तमान सरकार का मूल सिद्धांत तीन शब्दों पर टिका है— रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने अपनी प्राथमिकताओं में 'GYAN' को सबसे ऊपर रखा है:

  • G (Garib): गरीब कल्याण

  • Y (Yuva): युवा शक्ति का उत्थान

  • A (Anndata): अन्नदाता किसान की समृद्धि

  • N (Nari): नारी शक्ति का सशक्तिकरण

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🌾 'GYAN' मॉडल: समाज के हर वर्ग का उदय

1. अंत्योदय और गरीब कल्याण

केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में समाज के शोषित, वंचित और पीड़ितों को मुख्यधारा में लाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ 'स्वच्छ भारत अभियान' आज विश्व का सबसे बड़ा जन-आंदोलन बन चुका है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना और जन-धन खातों के जरिए करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर में अभूतपूर्व सुधार आया है।

2. युवा ऊर्जा को पंख

युवाओं को बेहतर स्वास्थ्य, कौशल और स्वरोजगार के अवसर देना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मुद्रा योजना और डिजिटल इंडिया जैसे दूरगामी अभियानों ने देश के युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर (रोजगार प्रदाता) बना दिया है।

3. अन्नदाता का सम्मान

किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। 'पीएम किसान सम्मान निधि' के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हर चार महीने में ₹2,000 की सम्मान राशि भेजी जा रही है। पीएम फसल बीमा योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKY) किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही हैं।

4. आधी आबादी का सशक्तिकरण

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों में से एक है। देश में 3 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य में से लगभग 1 करोड़ 10 लाख बहनें आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और तीन तलाक कानून की समाप्ति ने महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया है।

🩺 किफायती स्वास्थ्य और मजबूत मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर

देश के हर नागरिक तक सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार का मुख्य एजेंडा है। इसके तहत देश भर में लगभग 2 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं, जिससे सामान्य परिवारों का इलाज और दवाओं पर होने वाला खर्च काफी कम हुआ है। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान स्वदेशी वैक्सीन के निर्माण में प्रधानमंत्री के नीतिगत नेतृत्व ने करोड़ों देशवासियों की जान बचाई।

🚩 सांस्कृतिक पुनरुत्थान और विरासत का गौरव

प्रधानमंत्री की परिकल्पना है— "संकल्प विरासत का, संरक्षण भी और विकास भी"। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन का महाकाल लोक, केदारनाथ धाम का नवनिर्माण, बद्रीनाथ क्षेत्र का कायाकल्प, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना और नमामि गंगे जैसी परियोजनाओं से भारत अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव के साथ आधुनिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

⚔️ अखंड भारत: धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस'

  • इतिहास की धारा को मोड़ा: जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाना एक युगांतकारी निर्णय साबित हुआ है। इससे घाटी में शांति, स्थिरता और खुशहाली का नया सवेरा हुआ है और देश की अखंडता मजबूत हुई है।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि: सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमलों पर भारत की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति बेहद स्पष्ट है। सेना को दी गई खुली छूट के कारण भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे साहसिक अभियानों के जरिए दुश्मन के ठिकानों को जमींदोज किया, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सैन्य क्षमता का लोहा मनवाया।

🚀 रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सेना का सम्मान

शहीदों की स्मृति में दिल्ली में राष्ट्रीय शौर्य स्मारक और 'नेशनल वॉर मेमोरियल' का निर्माण कराया गया। पूर्व सैनिकों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) को लागू किया गया।

देश के रक्षा बजट में ऐतिहासिक वृद्धि के साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। आज तेजस लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम और 'नागास्त्र' जैसे आधुनिक हथियार भारतीय सेना की ताकत बढ़ा रहे हैं। डीआरडीओ (DRDO) के अभेद्य रक्षा कवच और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम की बदौलत आज भारत न केवल अपनी सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि दुनिया के लगभग 100 देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।

🏛️ 'नेशन फर्स्ट' की भावना और रन्तिदेव का आदर्श

नया भारत आज सीएए (CAA), ई-गवर्नेंस, पीएम गतिशक्ति और अक्षय ऊर्जा जैसे दूरगामी सुधारों के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन राष्ट्र रूपी महायज्ञ की समिधा है। उनका यह सेवा भाव पौराणिक राजा रन्तिदेव के उस प्रसिद्ध आदर्श वाक्य को चरितार्थ करता है:

‘‘न त्वहं कामये राज्यं, न स्वर्गं न पुनर्भवम्। कामये दुःखतप्तानां, प्राणिनामार्त नाशनम्।।’’

अर्थात्: "न मुझे राज्य की लालसा है, न स्वर्ग के सुख की और न ही मोक्ष की कामना है। मेरी एकमात्र इच्छा यही है कि मैं दुखों से पीड़ित जीव-जंतुओं और मनुष्यों के कष्टों का निवारण कर सकूं।"

इसी लोक-कल्याणकारी और राष्ट्र-प्रथम की भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को विश्व के सबसे समृद्ध, शक्तिशाली और स्वाभिमानी देशों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

(यह लेख मूल रूप से 'विभूति फीचर्स' द्वारा सिंडिकेट किया गया है)

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