डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: CM योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मंत्री कपिल देव ने बताया राष्ट्र का प्रेरणास्रोत

125th birth anniversary of Dr. Shyama Prasad Mukherjee: CM Yogi paid tribute, Minister Kapil Dev called him a source of inspiration for the nation.
 
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

लखनऊ: देश के महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार को लखनऊ स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने भी अमर सपूत डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

'राष्ट्र प्रथम' की भावना आने वाली पीढ़ियों को दिखाएगी राह

इस गौरवपूर्ण अवसर पर मीडिया से बात करते हुए राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति पूरी तरह समर्पित था, जो हर भारतवासी के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की तरह रहेगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार, उनके उच्च आदर्श और 'राष्ट्र प्रथम' की अडिग भावना आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा की राह दिखाती रहेगी।" — कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

'एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे' का ऐतिहासिक उद्घोष

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कश्मीर मुद्दे पर डॉ. मुखर्जी के ऐतिहासिक संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

  • ऐतिहासिक नारा: डॉ. मुखर्जी का प्रसिद्ध उद्घोष — “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” — आज भी हर सच्चे राष्ट्रभक्त के दिलों में जोश भर देता है।

  • यूपी सरकार का संकल्प: मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. मुखर्जी के इसी विज़न और राष्ट्रवादी विचारों को धरातल पर उतार रही है। आज पूरा प्रदेश 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के मूल संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक नज़र में

  • पहचान: महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, भारतीय जनसंघ के दूरदर्शी संस्थापक।

  • मुख्य योगदान: भारत की अखंडता और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय के लिए निर्णायक आंदोलन की शुरुआत।

  • जयंती: 06 जुलाई (वर्ष 2026 में उनकी 125वीं जयंती मनाई गई)।

Tags