आरसीएम रूपांतरण यात्रा में 20,000+ नवोद्यमियों की भागीदारी
सुल्तानपुर, 19 नवम्बर: आरसीएम की राष्ट्रव्यापी रूपांतरण यात्रा निरंतर जनसमर्थन और सहभागिता के नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा के आरंभ से अब तक 20,000 से अधिक नवोद्यमी आरसीएम परिवार से जुड़ चुके हैं, जो कंपनी की जन-आधारित प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है।
यात्रा का नवीनतम पड़ाव सुल्तानपुर रहा, जहां हजारों नागरिकों ने स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार से जुड़ी सामुदायिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुल्तानपुर सहित 20 शहरों में मिल रहे भारी जनसमर्थन को देखते हुए अनुमान है कि 75 शहरों में होने वाली यह यात्रा 23 दिसंबर 2025 तक लगभग 10 लाख लोगों तक पहुँच सकती है।
स्वास्थ्य, सेवा व संस्कार—सुल्तानपुर में दिखा उत्साह
सुल्तानपुर के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएँ और परिवार शामिल हुए। प्रतिभागियों ने:
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रक्तदान किया
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स्वस्थ जीवनशैली और आत्मनिर्भरता से संबंधित जानकारी ली
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सामुदायिक सेवा गतिविधियों में योगदान दिया
लोगों का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि वे केवल उपस्थित नहीं थे, बल्कि समाज हित में सक्रिय भागीदारी निभाने पहुंचे थे।
यात्रा ने पार किए कई उपलब्धि-मानक
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यात्रा के दौरान आयोजित विशेष रक्तदान शिविरों में अब तक 2,000+ लोगों ने रक्तदान किया।
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16 सितंबर 2025 से शुरू इस यात्रा के बाद 20,000+ नए एसोसिएट्स आरसीएम नेटवर्क से जुड़े।
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कंपनी का नेटवर्क अब दो मिलियन+ सक्रिय एसोसिएट बायर्स की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश आरसीएम की गतिविधियों में अहम स्थान रखता है। यहां के लोगों ने वर्षों से कंपनी के उद्देश्यों पर मजबूत विश्वास दिखाया है।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
सुल्तानपुर के कार्यक्रम में आयोजित गतिविधियों ने लोगों का उत्साह और जागरूकता दोनों बढ़ाए:
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RCM प्राणगीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
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योग सत्र के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन
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स्वास्थ्य अभियानों और आरसीएम की पहलों का परिचय
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सेवा गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी
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RCM की प्रेरणादायक यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्युमेंट्री का प्रदर्शन
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प्रतिभागियों द्वारा आदर्श नागरिक शपथ ग्रहण
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स्वास्थ्य–सेवा–संस्कार का संदेश देती जन-जागरूकता रैली
लोगों की प्रतिक्रियाओं में झलका यात्रा का प्रभाव
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एक प्रतिभागी ने बताया कि 20 साल बाद रक्तदान करना उनके लिए अत्यंत संतोषजनक अनुभव रहा।
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दूसरी प्रतिभागी ने कहा कि चावल की भूसी के तेल (Rice Bran Oil) के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकर वे बहुत लाभान्वित हुईं।
ये कहानियाँ बताती हैं कि यात्रा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
विशेष आकर्षण — ‘मनसा वाचा कर्मणा’ पुस्तक
कार्यक्रम में हाल ही में लॉन्च हुई पुस्तक “मनसा वाचा कर्मणा - एक कर्मयोगी की जीवनी” भी चर्चा का केंद्र रही। यह पुस्तक आरसीएम के संस्थापक तिलोकचंद छाबड़ा जी के कर्मयोगी जीवन, उनके आदर्शों और उनके कार्यों से प्रेरित लाखों लोगों की यात्रा को प्रस्तुत करती है।
