दिल्ली के मालवीय नगर में दर्दनाक हादसा: गेस्ट हाउस की आग में 21 मासूमों की मौत, जानें कैसे हुआ यह हादसा और कौन है इसका जिम्मेदार

Tragic Accident in Delhi's Malviya Nagar: 21 Innocent Lives Lost in Guest House Fire—Find Out How the Tragedy Occurred and Who Is Responsible.
 
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नई दिल्ली:देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित एक गेस्ट हाउस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से अब तक 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

इस भयावह हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो इस गेस्ट हाउस को लेकर कई चौंकाने वाले और हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं।

कैसे लगी आग और क्यों मच गई चीख-पुकार?

चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा सुबह के वक्त हुआ। अचानक लगी इस आग के बाद पूरे परिसर में धुएं का गुबार फैल गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए 'हेल्प-हेल्प' चिल्लाने लगे। स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊंची खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन कामयाबी बहुत कम मिली।


आग की मुख्य वजह और मौत का जाल:

  • सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका: मैक्स हेल्थकेयर द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि यह भीषण हादसा बेसमेंट में हुए सिलेंडर विस्फोट (सिलेंडर फटने) की वजह से हुआ है। हालांकि, फायर ब्रिगेड और दिल्ली पुलिस आग के सटीक कारणों की आधिकारिक जांच कर रही है।

  • इलेक्ट्रॉनिक लॉक बना काल: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होटल में आने-जाने के लिए केवल एक ही मुख्य दरवाजा था। जैसे ही आग लगी, वैसे ही बिल्डिंग की बिजली कट गई। बिजली कटते ही दरवाजे का 'इलेक्ट्रॉनिक लॉक' पूरी तरह जाम हो गया। इसके चलते अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए।

  • ब्लॉक थीं खिड़कियां: होटल की खिड़कियां और शीशे पूरी तरह से ब्लॉक थे, जिन्हें वक्त रहते खोला या तोड़ा नहीं जा सका और लोग अंदर ही फंसकर रह गए।

नियमों की उड़ी धज्जियां: 6 कमरों की जगह बने थे 25 कमरे

इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि इस रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस के पास फायर विभाग की NoC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) तक नहीं था।


इतना ही नहीं, प्रशासन की ओर से इस गेस्ट हाउस को सिर्फ 6 कमरे संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहां अवैध रूप से 25 कमरे तैयार कर दिए गए थे। घटना के समय वहां करीब 47 लोग मौजूद थे, जिनमें इलाज कराने आए मरीजों के परिजनों के अलावा कई विदेशी छात्र भी शामिल थे। दरअसल, पास में ही मैक्स अस्पताल होने के कारण मरीज और उनके तीमारदार अक्सर इसी गेस्ट हाउस में ठहरते थे।

कौन है इस मौत के होटल का मालिक?

मालवीय नगर के इस अवैध और असुरक्षित गेस्ट हाउस के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस होटल के संचालन में लोकेश बजाज के साथ दो अन्य पार्टनर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों पार्टनर्स के दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कई अन्य होटल्स और गेस्ट हाउस भी चल रहे हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियां होटल मालिक, उसके सहयोगियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सख्त कानूनी कार्रवाई और जांच में जुट गई हैं।

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