प्रयागराज के 27 वर्षीय युवक के हृदय में 8 सेमी की रेयर एओर्टिक डिसेक्शन
मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, लखनऊ में ‘फ्रोज़न एलीफेंट ट्रंक’ तकनीक से सफल उपचार
Mon, 24 Nov 2025
प्रयागराज, 24 नवंबर 2025। मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, लखनऊ के डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ हृदय शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। प्रयागराज के 27 वर्षीय युवक के हृदय में लगभग 8 सेंटीमीटर लंबी एओर्टिक डिसेक्शन पाई गई थी, जो एओर्टिक रूट से लेकर एब्डॉमिनल एओर्टा तक फैली हुई थी। यह स्थिति किसी भी क्षण एओर्टा के फटने और तत्काल मृत्यु का कारण बन सकती थी।
एक ही ऑपरेशन में एओर्टा के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों का पुनर्निर्माण
डॉ. विजयंत देवेनराज, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ‘फ्रोज़न एलीफेंट ट्रंक’ तकनीक का उपयोग करते हुए एसेन्डिंग एओर्टा, एओर्टिक आर्च और डिसेन्डिंग थोरेसिक एओर्टा का पुनर्निर्माण किया।
सर्जरी में—
एसेन्डिंग एओर्टा और एओर्टिक आर्च का पूरा रिप्लेसमेंट
ब्रेन आर्टरीज़ की डिब्रांचिंग
और डिसेन्डिंग एओर्टा में स्टेंटेड हाइब्रिड ग्राफ्ट लगाया गया
कुल मिलाकर एक अत्यंत जटिल हाइब्रिड प्रक्रिया को एक ही ऑपरेशन में पूरा किया गया।
मरीज़ को महीनों तक होता रहा दर्द, लेकिन अनदेखा किया
युवक को पाँच महीने से सीने में दर्द और साँस फूलने की शिकायत थी, जिसे उन्होंने अपच या सीने में दबाव समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया। स्थिति गंभीर होने पर परिवार उन्हें मैक्स अस्पताल, लखनऊ लेकर आया। जाँच में खतरनाक एओर्टिक डिसेक्शन का पता चला।
डॉक्टरों ने संभावना जताई कि मरीज़ में मार्फन सिंड्रोम भी हो सकता है—यह एक जन्मजात विकार है जो कनेक्टिव टिशू को प्रभावित करता है और ऐसी जटिलताएँ उत्पन्न कर सकता है।
7 घंटे की ‘मैराथन सर्जरी’ और 18°C तक ठंडा किया गया शरीर
सर्जरी से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी विवरण साझा करते हुए डॉ. देवेनराज ने बताया:
ऑपरेशन लगभग 7 घंटे तक चला।
सुरक्षित शल्य प्रक्रिया हेतु पूरे शरीर को “डीप हाइपोथर्मिक टोटल सर्क्युलेटरी अरेस्ट (DHCA)” तकनीक से 18°C तक ठंडा किया गया।
लगभग 35–40 मिनट तक शरीर का सम्पूर्ण रक्त प्रवाह रोका गया ताकि हृदय और प्रमुख धमनियों पर सुरक्षित रूप से काम किया जा सके।
इसके बाद एओर्टिक आर्च, ब्रेन आर्टरीज़ और क्षतिग्रस्त एओर्टा के हिस्से को बदलकर नया हाइब्रिड ग्राफ्ट लगाया गया।
तेज़ रिकवरी—10 दिन में अस्पताल से छुट्टी
ऑपरेशन के बाद मरीज़ को आईसीयू में दो दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।
जटिल सर्जरी के बावजूद—
रक्तस्राव बहुत कम हुआ
संक्रमण का जोखिम न्यून
और रिकवरी अपेक्षाकृत तेज रही
सर्जरी के 10वें दिन मरीज़ को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
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मैक्स लखनऊ की एडवांस हृदय व वैस्कुलर सर्जरी में विशेषज्ञता
यह केस एक बार फिर साबित करता है कि मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, लखनऊ जटिल हृदय एवं वैस्कुलर रोगों के उन्नत इलाज में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी सर्जिकल टीम के साथ उत्तरी भारत के प्रमुख केंद्रों में से एक है।
इस सफल सर्जरी ने न केवल एक युवा जीवन को बचाया, बल्कि गंभीर एओर्टिक डिसेक्शन के उपचार में मैक्स लखनऊ की क्षमता को भी नई पहचान दी है।
