वधू की तलाश में थे 610 कुंवारे मैरिज ब्यूरो ने AI की सुंदर तस्वीरों से लगा दिया लाखों का चूना
AI से बनी 'फर्जी सुंदरियां' और ठगी का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल नीतू प्रजापति और उसके दोस्त सतीश द्वारा रचा गया था। ठगी का यह तरीका बेहद शातिर था:
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विज्ञापनों पर नजर: गिरोह के सदस्य अखबारों में 'वधू चाहिए' वाले विज्ञापनों से नंबर निकालते थे।
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AI का इस्तेमाल: शिकार को लुभाने के लिए असली लड़कियों के बजाय AI (Artificial Intelligence) द्वारा तैयार की गई बेहद सुंदर और काल्पनिक तस्वीरें भेजी जाती थीं।
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रजिस्ट्रेशन का खेल: शादी का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर UPI के जरिए कैश ट्रांसफर कराया जाता था।
17 लड़कियां करती थीं कॉल, 610 लोग हुए शिकार
जब पुलिस ने सेंटर पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मैरिज ब्यूरो के नाम पर बकायदा एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जहां 17 लड़कियां काम करती पाई गईं। इन लड़कियों का काम केवल लोगों को फोन कर जाल में फंसाना था।
अब तक की जांच में करीब 610 लोगों से लाखों रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है। ठगी के शिकार होने वालों में ज्यादातर वो अधेड़ उम्र के लोग थे जो शादी के लिए लंबे समय से परेशान थे।
मैनेजर पहुंची जेल, तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेंटर की मैनेजर हिना कौसर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी नीतू और सतीश की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डेटा शीट भी बरामद की है, जिसमें शिकार बनाए गए लोगों की पूरी कुंडली मौजूद है।
