मानव सेवा ही माधव सेवा: करोलबाग संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर संपन्न, 62 श्रद्धालुओं ने किया स्वैच्छिक दान
दिल्ली, 19 जुलाई 2026: "रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं" के पावन संदेश को चरितार्थ करते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा देश की राजधानी में एक भव्य परमार्थ कार्य संपन्न हुआ. सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के दिव्य मार्गदर्शन में दिल्ली के ब्रांच करोलबाग स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में एक विशाल 'रक्तदान शिविर' (Blood Donation Camp) का सफल आयोजन किया गया.
इस शिविर में मिशन के 62 श्रद्धालु भक्तों ने संपूर्ण निष्काम और नि:स्वार्थ भाव से मानवता के कल्याण के लिए रक्तदान किया. रक्त संग्रहण (Blood Collection) की इस प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए हिंदूराव अस्पताल के ब्लड बैंक के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक विशेषज्ञ टीम वहां मौजूद रही.
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बढ़ाया रक्तदाताओं का हौसला
शिविर को सुचारू रूप से संचालित करने और सेवादारों का उत्साहवर्धन करने के लिए संत निरंकारी मंडल के रोशन मीनार श्री अशोक मनचंदा और मेडिकल विभाग के समन्वयक (Coordinator) डॉ. नरेश अरोड़ा विशेष रूप से उपस्थित हुए. उन्होंने सभी रक्तदाताओं से मुलाकात कर समाज उत्थान और लोक कल्याण के प्रति उनकी नि:स्वार्थ भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें स्मृति चिह्न देकर प्रोत्साहित किया.
अब तक 15 लाख से अधिक यूनिट रक्त का योगदान
कार्यक्रम के समापन पर करोलबाग ब्रांच के संयोजक श्री सुरजीत सिंह अलघ ने शिविर में पहुंचे सभी गणमान्य अतिथियों, रक्तदाताओं, हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों और उनकी पूरी मेडिकल टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया.
उन्होंने मिशन के सेवा इतिहास पर प्रकाश डालते हुए एक अभूतपूर्व डेटा साझा किया:
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कुल आयोजित शिविर: संत निरंकारी मिशन द्वारा देश भर में अब तक 9,325 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है.
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कुल संग्रहित रक्त: इन शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 15,03,220 यूनिट ब्लड एकत्रित कर विभिन्न सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों को सौंपा गया है, जिससे लाखों लोगों की अनमोल जिंदगी बचाई जा सकी है.
संत निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागृति के साथ-साथ समाज उत्थान, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसी अनेक सामाजिक परियोजनाओं को संचालित कर निरंतर निष्काम सेवाएं निभा रहा है. करोलबाग में आयोजित इस शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि मानवता की सेवा ही सर्वोपरि धर्म है.

