प्रदेश के 5446 गो-आश्रय स्थलों में 7592 सीसीटीवी कैमरे, योगी सरकार ने निगरानी को बनाया हाईटेक
लखनऊ, 26 मार्च। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 5446 गो-आश्रय स्थलों पर अब तक 7592 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिससे इन स्थलों की निगरानी अब पूरी तरह हाईटेक हो गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर न्यूनतम 5 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
24×7 निगरानी से बढ़ी जवाबदेही
सीसीटीवी कैमरों की मदद से अब पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। इससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई संभव हो गई है और प्रशासनिक जवाबदेही भी मजबूत हुई है।
बेहतर देखभाल पर विशेष जोर
प्रदेश के इन गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि पशुओं को समय पर चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें। सीसीटीवी निगरानी इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
कमांड एवं कंट्रोल रूम से निगरानी
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, प्रदेश के 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हो चुके हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है। शेष 19 जनपदों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
एकीकृत निगरानी तंत्र की ओर कदम
इस पहल से पूरे प्रदेश में एक सुदृढ़ और एकीकृत निगरानी तंत्र विकसित होगा, जो न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि आम जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा। आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में भी यह तकनीक बेहद सहायक साबित हो रही है।
नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
