8 साल का इंतज़ार और 'एएसपी उमर हैदर' का जादू: आदित्य उप्पल ने साझा किया ‘धुरंधर’ की सफलता का सफर
विज्ञापनों की दुनिया से 'धुरंधर' के मैदान तक
आदित्य उप्पल ने बताया कि उनका यह सफर रातों-रात तय नहीं हुआ। थिएटर से शुरुआत करने के बाद उन्हें लगभग 8 साल का लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने बेबाकी से साझा किया कि असफल ऑडिशन और आर्थिक जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने विज्ञापन की दुनिया में काम किया, लेकिन उनके भीतर का अभिनेता हमेशा एक मौके की तलाश में था।
आदित्य के अनुसार, "फिल्म की रिलीज के बाद जब मैंने अपने परिवार की आंखों में गर्व और खुशी देखी, वही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि और इनाम है।"
संजय दत्त और रणवीर सिंह के साथ काम का अनुभव
सेट पर अपने सह-कलाकारों के बारे में बात करते हुए आदित्य ने कहा:
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संजय दत्त: "उनके साथ काम करना एक सपने के सच होने जैसा था। उनकी मौजूदगी ही सेट पर एक अलग ऊर्जा भर देती है।"
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रणवीर सिंह: "रणवीर की तीव्रता (Intensity) और काम के प्रति समर्पण ने मुझे लगातार अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।"
एएसपी उमर हैदर बनने की तैयारी
अपने किरदार को वास्तविक बनाने के लिए आदित्य ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि 'एएसपी उमर हैदर' की बॉडी लैंग्वेज को पकड़ने के लिए उन्होंने काफी रिसर्च की। इसके साथ ही उन्होंने विशेष हथियार प्रशिक्षण (Weapon Training) भी लिया ताकि पर्दे पर उनका एक्शन पूरी तरह से सटीक और प्रभावशाली दिखे।
आदित्य धर का निर्देशन: अनुशासन और शांति
निर्देशक आदित्य धर के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने "अत्यधिक पेशेवर" बताया। उन्होंने कहा कि सेट का माहौल बहुत शांत और अनुशासित था, जहाँ हर कलाकार का ध्यान सिर्फ अपने क्राफ्ट पर था। फिल्म को लेकर हो रही चर्चाओं और विवादों पर आदित्य ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म सच्चे इरादों के साथ बनाई गई है और दर्शकों का अपार प्यार ही इसकी सबसे बड़ी सफलता है।
