वाराणसी में 9 सितंबर को शुरू होगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी शुभारंभ

“हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम के साथ सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही पर रहेगा जोर
 
वाराणसी में 9 सितंबर को शुरू होगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी शुभारंभ

वाराणसी, 7 सितंबर 2026। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी 9 सितंबर को वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ करेंगी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के साथ महीने भर चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत होगी।

इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के लिए सामुदायिक भागीदारी के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करना है।

सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही पर रहेगा फोकस

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही को विशेष महत्व दिया जाएगा। अभियान के जरिए लोगों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने और बच्चों, महिलाओं तथा परिवारों के पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

“हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” की भावना के अनुरूप आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थान न मानकर समुदाय की साझा जिम्मेदारी से जुड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन को मिलेगी गति

इस वर्ष के अभियान को मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम यानी एसएनपी दिशानिर्देशों से भी मजबूती मिलेगी। नए दिशा-निर्देशों में पहली बार गर्म पके हुए भोजन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों पर एसएनपी मेनू बोर्ड को अनिवार्य किए जाने के साथ आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन और संचालन के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर निगरानी, पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पोषण के साथ प्रारंभिक बाल विकास पर भी जोर

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के दौरान बच्चों के पोषण के साथ-साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के विकास, माता-पिता की जागरूकता और बेहतर देखभाल संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायतों और घरों तक विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों को पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य पोषण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी का विषय बनाना है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 साल पूरे होने का भी उत्सव

पोषण माह 2026 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के दस वर्ष पूरे होने के अवसर को भी रेखांकित करेगा। यह योजना पिछले एक दशक से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मातृ स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। पोषण माह के दौरान योजना से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों के जरिए पात्र महिलाओं तक योजना के लाभ और सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा।

पोषण मेले और आंगनवाड़ी गतिविधियां बनेंगी अभियान का हिस्सा

वाराणसी में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में पोषण मेले का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान गर्म पका भोजन, टेक-होम राशन, घर-घर जाकर दी जाने वाली सेवाओं तथा प्रारंभिक बाल विकास से जुड़े लाभार्थियों के अनुभवों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगी।

“सुपोषित भारत” से “विकसित भारत 2047” की ओर

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का उद्देश्य देश में पोषण को जनआंदोलन के रूप में और मजबूत करना है। वर्ष 2018 में शुरू किए गए पोषण अभियान के बाद सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह के जरिए महिलाओं, बच्चों और किशोरों के पोषण, स्वास्थ्य तथा देखभाल संबंधी व्यवहारों को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

इस वर्ष का एक महीने लंबा अभियान “सुपोषित भारत” की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की मजबूत नींव तैयार करने पर केंद्रित रहेगा। अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि स्वस्थ और सुपोषित बच्चों तथा परिवारों का निर्माण केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

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